Jwalamukhi News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले ज्वालामुखी विधानसभा में स्थित चंगर इलाके के सर्वांगीण विकास के लिए स्थानीय लोग लामबंद हो गए हैं। इलाके की मूलभूत सुविधाओं और पुरानी समस्याओं को लेकर 9 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को खुंडियां तहसील कार्यालय में सांकेतिक धरना दिया जाएगा। इस प्रदर्शन का मुख्य मकसद सरकार का ध्यान स्थानीय मुद्दों की ओर खींचना है।
सुबह 10 बजे शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में क्षेत्र के युवा, बुजुर्ग, महिलाएं, किसान और बुद्धिजीवी वर्ग शामिल होंगे। इसके अलावा सेवानिवृत्त कर्मचारी, पंचायत प्रतिनिधि और नई पीढ़ी के लोग भी एकजुट होकर आवाज उठाएंगे। सभी वर्ग मिलकर चंगर की बुनियादी जरूरतों को प्रशासन के सामने मजबूती से रखेंगे ताकि विकास को नई दिशा मिले।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा मांगों से जुड़ा मांगपत्र
धरने के दौरान इलाके के विकास से जुड़ी प्रमुख मांगों का एक ज्ञापन तैयार किया जाएगा। यह मांगपत्र प्रधानमंत्री, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री, स्थानीय सांसद, विधायक और संबंधित सरकारी विभागों को भेजा जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी, परिवहन, रोजगार और कृषि से जुड़े अहम मुद्दों पर अब गंभीर फैसले लेने का समय आ चुका है।
आयोजकों का स्पष्ट कहना है कि सरकारी विकास योजनाएं केवल कागजी घोषणाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उनका जमीनी असर भी आम जनता को दिखना जरूरी है। यह प्रयास किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के विरोध में नहीं है, बल्कि जनहित और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए एक गैर-राजनीतिक सांकेतिक पहल के रूप में शुरू किया जा रहा है।
इलाके के विकास के लिए सभी वर्गों से सामूहिक भागीदारी की अपील
आयोजन समिति ने सभी क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे जाति, दल और आपसी मतभेदों को भुलाकर इस मुहिम से जुड़ें। उनका मानना है कि क्षेत्र की तरक्की किसी एक व्यक्ति के भरोसे संभव नहीं है। यह बदलाव पूरे समाज की सक्रियता से ही आ सकता है। कार्यक्रम के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस से जरूरी मंजूरी ली जा रही है।
इस संयुक्त पहल की अगुवाई रोहित कुमार, अश्वनी कुमार, शशांक कुमार, शशि कुमार और सचिन बनियाल कर रहे हैं। इन सभी प्रतिनिधियों ने तय तारीख पर तहसील परिसर में समय पर जुटने की अपील की है। उनका मकसद शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को शासन और प्रशासन की प्राथमिक सूची में शामिल करवाना है।