Shimla News: हिमाचल प्रदेश में बीपीएल परिवारों के चयन को लेकर लंबे समय से बने संशय पर सरकार ने विराम लगा दिया है। ग्रामीण विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि परिवार पहचान अभियान के आधार पर न तो कोई नया नाम जुड़ेगा और न ही कटेगा। दोनों व्यवस्थाएं पूरी तरह अलग हैं।
बीपीएल चयन और परिवार पहचान दोनों स्वतंत्र व्यवस्थाएं
विभाग के अनुसार प्रदेश भर में संचालित परिवार पहचान प्रक्रिया और बीपीएल सूची निर्धारण दोनों अलग प्रणालियां हैं। भविष्य में किसी भी परिवार को बीपीएल सूची में जोड़ने या बाहर करने की प्रक्रिया विभागीय नियमों और ग्राम सभा की सिफारिशों से ही होगी। पहचान अभियान का डेटा बीपीएल का आधार नहीं बनेगा।
परिवार पहचान अभियान के तहत चिह्नित परिवारों को मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना से जोड़ने की तैयारी चल रही है। हालांकि विभाग ने साफ किया है कि इस अभियान में नाम दर्ज होना योजना के लाभ की स्वतः गारंटी नहीं होगा। प्रशासनिक सत्यापन के बाद ही पात्रों को वित्तीय लाभ दिया जाएगा।
धरातल पर सत्यापन के बाद ही मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ
ग्रामीण विकास विभाग के तय दिशा-निर्देशों के तहत पहले से आठवें चरण और अंतिम चरण में पात्र पाए गए परिवारों को योजना के दायरे में लाया जाएगा। इस व्यवस्था के अंतर्गत केवल उन्हीं परिवारों को लाभ मिलेगा, जो जमीनी स्तर पर हुई गहन जांच व विभागीय सत्यापन प्रक्रिया में पूरी तरह सही पाए जाएंगे।
विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी है कि परिवार पहचान प्रक्रिया को बीपीएल सूची पुनरीक्षण के रूप में पेश न करें। अधिकारियों को सरकार के इस नीतिगत निर्णय की जानकारी निचले स्तर तक पहुंचाने और दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।