अक्टूबर 2026 से बदलेंगे पैसों से जुड़े 8 बड़े नियम, आम जनता की जेब और बजट पर पड़ेगा सीधा असर

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New Delhi News: अक्टूबर 2026 से आम नागरिकों की वित्तीय जिंदगी में कई बड़े बदलाव लागू हो रहे हैं। बैंकिंग सेवाओं, एफडी जमा, छोटी बचत योजनाओं और गैस सब्सिडी से जुड़े नियमों में फेरबदल तय है। इसके अलावा त्योहारी सीजन के चलते गाड़ियां और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खरीदना भी आम उपभोक्ता के लिए महंगा हो सकता है।

सरकार अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के लिए पीपीएफ, एनएससी, सुकन्या समृद्धि और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना की ब्याज दरों की समीक्षा करेगी। सरकार हर तीन महीने में इन दरों की घोषणा करती है। जुलाई से सितंबर की तिमाही में दरें स्थिर रखी गई थीं। नई समीक्षा से निवेशकों को भविष्य के निवेश पर स्पष्ट दिशा मिलेगी।

आरबीआई की मौद्रिक नीति और लोन की दरें

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की महत्वपूर्ण बैठक 5 से 7 अक्टूबर के बीच आयोजित होगी। इसके बाद 7 अक्टूबर को नई रेपो रेट का ऐलान किया जाएगा। वर्तमान में रेपो रेट 5.25 फीसदी पर स्थिर है। यदि दरों में फेरबदल हुआ तो इसका असर सीधे बैंक लोन और एफडी दरों पर दिखेगा।

एसबीआई ने सैलरी पैकेज खाताधारकों के लिए दूसरे बैंकों के एटीएम से पैसे निकालने की सीमा घटा दी है। अब उपभोक्ता महीने में केवल 5 बार मुफ्त निकासी कर सकेंगे, जो पहले 10 थी। सीमा पार होने पर वित्तीय लेनदेन के लिए 23 रुपये और गैर-वित्तीय कार्य के लिए 11 रुपये अतिरिक्त शुल्क लगेगा।

फिक्स्ड डिपॉजिट और बेसिक बैंक खाते के नए नियम

आरबीआई के नए नियमों के तहत 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की थोक एफडी पर बैंकों को ब्याज दर तय करने की अधिक आजादी मिलेगी। वहीं आम रिटेल एफडी की दरें बैंक अपने अनुसार तय करेंगे। यह नया नियम 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी रूप से पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा।

एसबीआई के बेसिक बचत बैंक जमा खातों में हर महीने केवल चार नकद निकासी मुफ्त मिलेंगी। इसके बाद हर निकासी पर 15 रुपये और टैक्स देना होगा। इस नियम में आधार आधारित भुगतान प्रणाली की निकासी भी शामिल की गई है। हालांकि डिजिटल माध्यम से होने वाले लेन-देन पर यह शुल्क बिल्कुल लागू नहीं होगा।

एलपीजी सब्सिडी, यूपीआई और आयकर की समयसीमा

सब्सिडी वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक पहचान अनिवार्य कर दी गई है। यह प्रक्रिया डिलीवरी के समय, गैस एजेंसी जाकर या मोबाइल ऐप से पूरी की जा सकती है। इसके साथ ही यूपीआई मर्चेंट भुगतानों पर नया शुल्क ढांचा लागू होगा, जिसका भार ग्राहकों पर नहीं डाला जाएगा।

एनआरआई से जमीन या मकान खरीदने पर अब अलग टैन की जरूरत खत्म हो गई है और पैन कार्ड से काम चलेगा। दूसरी तरफ टैक्स ऑडिट वाले करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 तय है। ऑनलाइन खरीदारी में अब कंपनियों को पूरी वारंटी और रिटर्न नीति स्पष्ट बतानी होगी।

त्योहारों पर वाहन और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स की बढ़ी कीमतें

त्योहारी सीजन में नई कार और घरेलू सामान खरीदना अधिक खर्चीला साबित हो सकता है। मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और हुंडई ने अपने वाहनों के दाम बढ़ा दिए हैं। वहीं एसी की कीमतें 5 से 8 फीसदी और टीवी, फ्रिज व वॉशिंग मशीन 3 से 4 फीसदी तक महंगी होने के आसार बन रहे हैं।

Right News Desk
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लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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