New Delhi News: भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने शनिवार को स्पष्ट किया कि सेना सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पूरी तरह पालन करेगी। पूर्व अधिकारी और शहीद पायलट की पत्नी प्रियंका सक्सेना को मेडिकल टेस्ट और विशेष ट्रेनिंग के बाद स्क्वाड्रन लीडर के पद पर फिर से बहाल किया जाएगा।
सर्वोच्च अदालत का ऐतिहासिक फैसला और बहाली की प्रक्रिया
सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए प्रियंका सक्सेना की बहाली का निर्देश दिया था। वायुसेना प्रमुख के अनुसार आवश्यक मेडिकल जांच के बाद उन्हें सैन्य व शाखा संबंधी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद उन्हें शॉर्ट-सर्विस कमीशन के तहत सेवा में 11वें साल पर तैनात किया जाएगा।
प्रियंका दिसंबर 2003 में लॉजिस्टिक्स शाखा में शामिल हुई थीं और 10 साल की सेवा के बाद निजी कारणों से इस्तीफा दिया था। बाद में उनका विवाह फाइटर पायलट विंग कमांडर हर्षित सिन्हा से हुआ। हर्षित सिन्हा 24 दिसंबर 2021 को जैसलमेर के पास मिग-21 विमान हादसे में शहीद हो गए थे।
ट्रिब्यूनल का फैसला रद, अदालत से मिली बड़ी कानूनी राहत
पति की शहादत के बाद उन्होंने पूर्व अधिकारी और युद्ध विधवा नीति के तहत दोबारा नियुक्ति की अर्जी दी थी। आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल के प्रतिकूल फैसले के बाद मामला शीर्ष अदालत पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिब्यूनल का आदेश निरस्त करते हुए कहा कि 10 साल के अनुभव को देखते हुए बुनियादी ट्रेनिंग की जरूरत नहीं है।
अधिकारियों के हनी-ट्रैप मामलों पर पूछे गए सवाल पर एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि कुछ मामले सामने आए हैं और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की गई है। अदालत में मामला विचाराधीन होने के कारण उन्होंने ज्यादा टिप्पणी से इनकार किया, हालांकि उन्होंने अधिकारियों को लगातार सतर्क रहने की हिदायत दी है।