Shimla News: हिमाचल प्रदेश राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने अपनी 25 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। 11 जुलाई को कांगड़ा से शुरू हुई पदयात्रा शनिवार को शिमला पहुंची। संघ ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है और रविवार को चौड़ा मैदान में महारैली बुलाई है।
स्कूल काम्पलेक्स प्रणाली का विरोध और रिक्त पदों का मुद्दा
संघ के प्रांतीय अध्यक्ष रमेश शर्मा ने प्रेसरूम में कहा कि सरकार प्राथमिक शिक्षा के मजबूत ढांचे को कमजोर कर रही है। 15 से 20 प्राथमिक स्कूलों को सीनियर सेकेंडरी प्रिंसिपल के अधीन लाना सही फैसला नहीं है। संघ का आरोप है कि यह जेबीटी के लगभग 5000 खाली पदों को न भरने की रणनीति है।
एकल शिक्षक और नियमित शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित
हिमाचल में लगभग 3000 प्राथमिक स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। इसके अलावा करीब 200 स्कूलों में एक भी नियमित शिक्षक तैनात नहीं है। शिक्षकों का कहना है कि चुनाव, जनगणना और अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों में बार-बार ड्यूटी लगाए जाने से बच्चों की पढ़ाई का काफी नुकसान हो रहा है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद संघ पदाधिकारियों पर हुई कार्रवाई
शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि उनकी पदयात्रा छुट्टियों में निकाली गई ताकि छात्रों की पढ़ाई का नुकसान न हो। संघ ने आरोप लगाया कि 26 अप्रैल 2025 को हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद उनके 8 पदाधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही कई शिक्षकों पर विभागीय जांच और एफआईआर दर्ज कराई गई।
बेरोजगार जेबीटी और नर्सरी शिक्षकों का मिला समर्थन
रमेश शर्मा ने बताया कि उनका क्रमिक अनशन लगातार जारी रहेगा। इस पूरे आंदोलन को प्रदेश के लगभग 60 हजार प्रशिक्षित बेरोजगार जेबीटी और एंटिटी अभ्यर्थियों का पूरा समर्थन मिल रहा है। शिक्षक संघ ने सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगों की सूची भी स्पष्ट रूप से रख दी है।
प्राथमिक शिक्षक संघ की मुख्य मांगें
- स्कूल काम्पलेक्स प्रणाली की नोटिफिकेशन तुरंत वापस ली जाए।
- जेबीटी से टीजीटी पदों पर प्रमोशन से रोक हटाई जाए।
- शिक्षकों का रोक कर रखा गया हायर ग्रेड पे बहाल किया जाए।
- छठे वेतन आयोग और डीए के बकाया एरियर का जल्द भुगतान हो।
- बच्चों की अंडर-12 स्पोर्ट्स एक्टिविटीज फिर से शुरू की जाएं।