Delhi News: कांग्रेस ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों, युवाओं और विपक्ष की बड़ी जीत करार दिया है। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सभी छात्रों से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई हिंसा के जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की बात भी कही।
पत्रकारों से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस छात्रों के आंदोलन का पूरा समर्थन करती है। देश की शिक्षा व्यवस्था को आरएसएस ने खोखला कर दिया है। धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और नाकामी के प्रतीक बन चुके थे। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन और बल प्रयोग की अनुमति देने का सीधा आरोप लगाया।
विपक्ष ने उठाई हिंसा के लिए जवाबदेही तय करने की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि यह युवाओं के संघर्ष और साझा विपक्ष की एकजुटता की जीत है। अहंकारी सत्ता को आखिरकार देश के छात्रों की आवाज सुननी पड़ी। खरगे ने मांग की कि प्रधानमंत्री को युवा पीढ़ी से माफी मांगनी चाहिए। छात्रों पर लाठीचार्ज और हिंसा करने वालों के खिलाफ तुरंत कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
पकांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि युवाओं ने देश को दबाने वालों के खिलाफ खड़ा होना शुरू कर दिया है। जयराम रमेश और पवन खेड़ा ने स्पष्ट किया कि केवल एक मांग पूरी हुई है। 20 जुलाई की घटना की जवाबदेही तय होनी चाहिए। वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने कहा कि लोकतंत्र में जवाबदेही से अनिश्चितकाल तक बचना नामुमकिन है।