Shimla News: हिमाचल प्रदेश विधानसभा में चार लाख नौकरियों की चुनावी गारंटी पर भारी हंगामे के बाद विपक्षी भाजपा ने सदन से वॉकआउट किया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जवाब देते हुए आउटसोर्स प्रणाली को नियंत्रित करने के लिए नई नीति लाने और मौजूदा कर्मचारियों के हितों को सुरक्षित रखने का बड़ा ऐलान किया।
पारदर्शी भर्ती प्रणाली और पुलिस पदों पर नई नियुक्तियां
मुख्यमंत्री ने सदन में बताया कि भर्तियों में पारदर्शिता के लिए आरक्षित वर्ग हेतु 40 और सामान्य के लिए 45 प्रतिशत अंक अनिवार्य किए गए हैं। अग्निवीर योजना के विकल्प के तौर पर प्रदेश में 1,350 पुलिस कांस्टेबल भर्ती किए जा चुके हैं, जबकि 1,000 अन्य पदों पर भर्ती प्रक्रिया वर्तमान में जारी है।
स्वरोजगार स्टार्टअप योजना और निजी क्षेत्र में मिले रोजगार
राज्य सरकार ने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए राजीव गांधी स्टार्टअप योजना के तहत ई-वाहनों पर 96 युवाओं को सात करोड़ की सब्सिडी दी है। इसके अलावा 28 रोजगार मेलों और 1,587 कैंपस साक्षात्कारों के माध्यम से 23 हजार से अधिक युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्रदान किए गए हैं।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने पिछली सरकार के कार्यकाल में हुए कौशल विकास स्टाइपंड घोटाले का मुद्दा भी सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि फर्जीवाड़े की जांच शुरू होने पर विपक्ष अनावश्यक हंगामा कर रहा है। सरकार अब तक 90 हजार से ज्यादा युवाओं को कौशल विकास भत्ता और मार्गदर्शन सहायता उपलब्ध करा चुकी है।