Shimla News: हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के कर्मचारियों ने अगस्त की सैलरी तुरंत जारी करने की मांग की है। भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले कर्मियों ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी न होने पर आंदोलन तेज होगा। समाधान न निकला तो अगले हफ्ते राष्ट्रपति के दौरे पर सेवाएं ठप कर दी जाएंगी।
कर्मचारियों का कहना है कि वे लगभग एक महीने और 24 दिनों से अपनी सैलरी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। शिमला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बीएमएस के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल ने कहा कि अगस्त 2026 की सैलरी अभी तक निगम कर्मियों को नहीं दी गई है।
राष्ट्रपति के दौरे के दौरान हॉस्पिटैलिटी सेवाएं रोकने की चेतावनी
मदन लाल ने आरोप लगाया कि निगम के होटलों और मुनाफा कमाने वाले अन्य यूनिट्स से रेवेन्यू लगातार आ रहा है। इसके बावजूद दिन-रात हॉस्पिटैलिटी सेवाएं देने वाले कर्मियों को बेसिक सैलरी नहीं मिल रही। उन्होंने कहा कि मुनाफा कमाने वाले होटलों को प्राइवेट हाथों में सौंपने की कोशिशें की जा रही हैं।
यूनियन ने साफ किया कि निगम को होने वाले किसी भी नुकसान के लिए कर्मचारी जिम्मेदार नहीं हैं। बीएमएस इस मुद्दे को पूरे राज्य में उठाएगा। यदि सैलरी जारी नहीं हुई, तो कर्मचारी मंत्रियों, आला अधिकारियों और अन्य वीआईपी हस्तियों के एचपीटीडीसी होटलों में आने का कड़ा विरोध दर्ज कराएंगे।
सौ करोड़ से अधिक रेवेन्यू फिर भी सैलरी के लिए तरस रहे कर्मचारी
बीएमएस उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने बताया कि करीब एक हजार रेगुलर कर्मचारियों और 550 अन्य वर्करों को गंभीर आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को परिवार का खर्च चलाना है, किराया देना है और जरूरी दवाइयां खरीदनी हैं। परिवार के बुजुर्ग सदस्य भी इसी आय पर निर्भर हैं।
शर्मा ने सवाल उठाया कि जब कॉर्पोरेशन का कुल रेवेन्यू 100 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है, तब सैलरी में इतनी देरी क्यों हो रही है। उन्होंने प्रबंधन से अपील की कि किसी भी आंतरिक या फाइनेंशियल समस्या के कारण मेहनत करने वाले बेकसूर कर्मचारियों को बिल्कुल परेशान न किया जाए।