Shimla News: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने शिमला में राष्ट्रीय स्तरीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने हिम ई-पंचायत प्रोसिडिंग सिस्टम पोर्टल लॉन्च किया। हिमाचल यह व्यवस्था लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। अब त्रिस्तरीय पंचायतों की बैठकों का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा।
डॉ. मनमोहन सिंह राज्य प्रशासनिक संस्थान में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में मंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन की मैगजीन का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि नए पोर्टल के जरिए ग्राम पंचायत, बीडीसी और जिला परिषद की बैठकों की पूरी कार्यवाही ऑनलाइन दर्ज होगी। इससे व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता आएगी।
कोरम से लेकर ई-हस्ताक्षर तक पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि प्रदेश की नब्बे फीसदी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है। तकनीक के प्रयोग से विभागीय कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाया जा रहा है। हिम एक्सेस के जरिए अधिकारी लॉगिन कर सकेंगे। पोर्टल पर बैठकों का एजेंडा, विवरण और सदस्यों की डिजिटल उपस्थिति स्वतः दर्ज करने की आधुनिक सुविधा मिलेगी।
सिस्टम के जरिए बैठक के आवश्यक कोरम की जांच होगी और कार्यवाही पूरी होने पर ई-हस्ताक्षर की सुविधा मिलेगी। इससे कागजी फाइलों पर निर्भरता खत्म होगी और रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। भविष्य में आम नागरिक भी विभागीय वेबसाइट के माध्यम से किसी भी पंचायत की कार्यवाही घर बैठे आसानी से देख सकेंगे।
एक करोड़ चौदह लाख रुपये से बनेंगे एक जैसे पंचायत घर
विभागीय नियमों की सटीक जानकारी न होने से बजट आवंटन में रुकावट आती है और अदालती विवाद बढ़ते हैं। मंत्री ने बताया कि लगभग 1 करोड़ 14 लाख रुपये की लागत से हर पंचायत घर को नया स्वरूप दिया जा रहा है। पूरे प्रदेश के सभी पंचायत भवनों का ढांचा एक समान रखा जाएगा।
ग्रामीण विकास निदेशक राघव शर्मा ने कहा कि वर्ष 2024 से अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए नियमित कार्यशालाएं शुरू की गई हैं। यह पोर्टल पंचायती राज व्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने पर भी जोर दिया गया।