Shimla News: हिमाचल प्रदेश में पंचायतों से मिलने वाली जरूरी नागरिक सेवाओं के लिए अब आम जनता को अपनी जेब ढीली करनी होगी। राज्य सरकार ने जन्म प्रमाण पत्र, परिवार नकल और विवाह पंजीकरण के लिए नई शुल्क व्यवस्था लागू कर दी है। पहले ये सभी सेवाएं पूरी तरह निशुल्क मिलती थीं।
जन्म प्रमाण पत्र और विवाह पंजीकरण की नई दरें तय
नई व्यवस्था के अनुसार अब जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 80 रुपये देने होंगे। वहीं परिवार नकल की प्रति के लिए 13 रुपये 80 पैसे और विवाह पंजीकरण के लिए 400 रुपये का शुल्क तय किया गया है। करीब एक सप्ताह पहले से पूरे प्रदेश में यह नई शुल्क प्रणाली विधिवत लागू कर दी गई है।
अब प्रमाण पत्र बनवाने के लिए शुल्क का अग्रिम भुगतान करना अनिवार्य होगा। निर्धारित शुल्क सीधे क्यूआर कोड स्कैन कर सरकारी खाते में जमा होगा। संबंधित पोर्टल पर डिजिटल भुगतान की पुष्टि के बिना आवेदन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी और न ही कोई प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
कागज और प्रिंटिंग का खर्च अलग से ले सकेंगी पंचायतें
सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क के अलावा पंचायतों को अतिरिक्त अधिकार दिए गए हैं। प्रमाण पत्र तैयार करने में लगने वाले कागज और प्रिंटिंग का खर्च पंचायतें अपने स्तर पर वसूल सकेंगी। यानी नागरिकों को तय सरकारी फीस के साथ छपाई का अतिरिक्त खर्च भी पंचायत स्तर पर चुकाना पड़ सकता है।
इस व्यवस्था के लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को प्रमाण पत्र बनवाने से पहले तय राशि जमा करनी होगी। सरकारी खाते में राशि स्थानांतरित होने के बाद ही अधिकारी दस्तावेज पर आगे की कार्रवाई करेंगे। पंचायतों को डिजिटल लेनदेन के जरिए इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।