Shimla News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों और चमियाणा स्थित अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने इस प्रस्ताव का निरीक्षण करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।
गठित की गई समिति को दो सप्ताह के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपने के निर्देश मिले हैं। सरकारी प्रवक्ता ने शनिवार को जानकारी दी कि यह समिति हर मेडिकल कॉलेज में दो से चार ऐसे विभागों की पहचान करेगी, जिन्हें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा सके।
इन विशेष केंद्रों में गंभीर, जटिल और दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए अत्याधुनिक और बहु-विषयक उपचार सुविधाएं तैयार की जाएंगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें इलाज के लिए हिमाचल से बाहर न जाना पड़े।
अटल मेडिकल रिसर्च यूनिवर्सिटी नेरचौक के कुलपति डॉ. डी. के. वर्मा को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। समिति में चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. गोपाल बेरी, टांडा मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. मिलाप शर्मा और एआईएमएसएस चमियाणा के प्रधानाचार्य डॉ. बृज शर्मा बतौर सदस्य शामिल किए गए हैं।
इसके अलावा आईजीएमसी शिमला के प्रोफेसर डॉ. बलबीर वर्मा और डॉ. पुनीत महाजन भी समिति के सदस्य होंगे। एसएलबीएसजीएमसी नेरचौक के संयुक्त निदेशक को सदस्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। यह पूरी टीम चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।
यह समिति केंद्रों के लिए आधुनिक तकनीक, बुनियादी ढांचे, आवश्यक उपकरणों, विशेषज्ञों और वित्तीय बजट का सही आकलन करेगी। इसकी सिफारिशों के आधार पर राज्य में सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का रोडमैप बनेगा। इससे प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को भी बढ़ावा मिलेगा।