Dhaka News: बांग्लादेश सरकार ने सोमवार से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 17.4 प्रतिशत तक की बड़ी बढ़ोतरी कर दी है. देश पहले से ही बिजली और गैस की गंभीर कमी से जूझ रहा है. ऐसे में ईंधन महंगा होने से आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारियों और उद्योग जगत पर आर्थिक बोझ काफी बढ़ गया है.
नई दरों के अनुसार बांग्लादेश में डीजल की कीमत 115 टका से बढ़कर 135 टका प्रति लीटर हो गई है. पेट्रोल अब 140 टका के बजाय 160 टका प्रति लीटर मिलेगा. इसके अलावा ऑक्टेन 165 टका और केरोसिन 155 टका प्रति लीटर पहुंच गया है. इससे पहले सरकार ने अप्रैल और जून में भी कीमतें बढ़ाई थीं.
बांग्लादेश अपनी जरूरत का ज्यादातर ईंधन आयात करता है. भारत सहित अन्य देशों से आपूर्ति मिलने के बाद भी अंतिम खुदरा दरें अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर करती हैं. वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें दोगुनी से अधिक हो गई हैं. वहीं मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते समुद्री परिवहन और माल ढुलाई की लागत में भारी वृद्धि हुई है.
वैश्विक संकट के चलते सरकारी तेल कंपनी बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन को मार्च से अगस्त के बीच लगभग 228.76 अरब टका का भारी घाटा हुआ. नई दरों से सरकार को सालाना घाटे में 100 अरब टका की कमी आने की उम्मीद है. साथ ही विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटाना और सीमा पार तेल तस्करी को रोकना भी इसका उद्देश्य है.
ईंधन के दाम बढ़ने से देश में ट्रांसपोर्ट, कृषि और माल ढुलाई के खर्च में बड़ा उछाल आ सकता है. ढुलाई महंगी होने से दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ेंगे. बांग्लादेश का परिधान निर्यात क्षेत्र पहले से ही ऊर्जा संकट से जूझ रहा है, ऐसे में उत्पादन लागत बढ़ने से कारोबारियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.