मंडी में नलवाड़ मेले पर विवाद, हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना का आरोप लगाते हुए मुख्य न्यायाधीश को भेजी शिकायत

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Mandi News: हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में स्थित बासा पंचायत में आयोजित होने वाले जिला स्तरीय नलवाड़ मेला ख्योड़ विवादों में घिर गया है। हाईकोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देकर इस आयोजन के खिलाफ माननीय मुख्य न्यायाधीश को औपचारिक शिकायत भेजी गई है। बिना अदालती इजाजत के मेला कराने पर कानूनी सवाल उठाए गए हैं।

राइट फाउंडेशन के अध्यक्ष सुरेश कुमार ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर तुरंत दखल देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि माननीय अदालत ने साल 2017 में स्पष्ट आदेश दिया था। इसके तहत किसी भी प्राथमिक, माध्यमिक अथवा कॉलेज स्तर के शिक्षण संस्थान के परिसर में गैर-शैक्षणिक गतिविधियों के आयोजन पर पूरी तरह पाबंदी लगाई गई थी।

शिकायत में बताया गया कि हाल ही में सराज कॉलेज लंबाथाच के मैदान में नलवाड़ मेले के लिए अर्जी लगी थी। मुख्य न्यायाधीश जी.एस. संधावालिया और न्यायाधीश चिराग भानु सिंह की बेंच ने छात्रों की पढ़ाई का नुकसान देखते हुए राहत देने से इनकार किया था। इसके बाद आयोजकों को वह अर्जी वापस लेनी पड़ी थी।

आरोप है कि इस फैसले के बावजूद बासा पंचायत में 17 से 24 सितंबर तक नलवाड़ मेले की तैयारियां चल रही हैं। प्रशासन ने मेला मैदान में प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। गोहर के एसडीएम की अध्यक्षता में इस आयोजन को लेकर सरकारी महकमों और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठकें भी हो चुकी हैं।

शिकायतकर्ता का तर्क है कि यदि यह मेला किसी स्कूल, कॉलेज या खेल मैदान पर हो रहा है, तो यह सीधा अदालत की अवमानना है। सार्वजनिक स्थल पर भी ऐसे बड़े आयोजन से पहले कोर्ट की अनुमति जरूरी थी। शिक्षण संस्थानों में भीड़भाड़ और व्यापारिक स्टॉल लगने से छात्रों की पढ़ाई, सुरक्षा और संपत्ति प्रभावित होती है।

पत्र के जरिए मांग की गई है कि गोहर प्रशासन और बासा पंचायत से तुरंत स्टेटस रिपोर्ट तलब की जाए। अगर नियमों की अनदेखी कर किसी शिक्षण संस्थान के मैदान का इस्तेमाल हो रहा है, तो मेले पर तत्काल रोक लगे। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और आयोजकों पर अवमानना की कार्रवाई की जाए।

Right News Desk
Right News Desk
लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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