मुख्यमंत्री सुक्खू के आश्वासन पर 24 घंटे के भीतर हुआ बच्ची की मां का तबादला, सीएम से लिपटकर रोई थी वंशिका

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Chamba News: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से मिलकर अपनी मां की तैनाती पास करवाने की गुहार लगाने वाली मासूम वंशिका की पुकार रंग लाई है। मुख्यमंत्री के आश्वासन के महज 24 घंटे के भीतर शिक्षा विभाग ने जेबीटी शिक्षिका मां के अंतर-जिला तबादले के आदेश जारी कर दिए हैं, जिससे पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।

चंबा जिले के देहग्रां में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के दौरान तीसा की राजकीय प्राथमिक पाठशाला सत्यास में पांचवीं कक्षा की छात्रा वंशिका मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से लिपटकर फूट-फूटकर रो पड़ी थी। पिछले दो साल से अपनी मां से दूर रहने की पीड़ा व्यक्त करते हुए उसने गुहार लगाई थी कि उसकी मां बहुत दूर नौकरी करती हैं, जिन्हें घर के पास तैनात किया जाए। मुख्यमंत्री ने बच्ची की बात को गंभीरता से लेते हुए उसकी मां को घर के नजदीक तैनात करने का आश्वासन दिया था।

शिक्षा विभाग ने जारी किए तबादला आदेश

मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में स्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक आशीष कोहली ने पांच प्रतिशत स्थानांतरण नीति के तहत और स्थानांतरण प्रतिबंधों में छूट देते हुए जेबीटी शिक्षिका नरो देवी के अंतर-जिला तबादले के आदेश जारी कर दिए। नरो देवी इससे पहले शिमला जिले के शिक्षा खंड नेरवा की राजकीय प्राथमिक पाठशाला सोवल में तैनात थीं, जिन्हें अब चंबा जिले के शिक्षा खंड तीसा की राजकीय प्राथमिक पाठशाला चंडरू में नियुक्त किया गया है।

वंशिका के पिता गिरीश कुमार एक किसान हैं, और वंशिका अपने भाई के साथ पिता के पास गांव में रहती है। वंशिका ने अपनी पढ़ाई को लेकर इच्छा जताई है कि वह जवाहर नवोदय विद्यालय में पढ़कर भविष्य में आईपीएस अधिकारी बनना चाहती है।

मुख्यमंत्री अंकल ने पूरा किया वादा: वंशिका

मां के तबादले के आदेश मिलने के बाद वंशिका के चेहरे पर खुशी लौट आई है। उसने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अंकल ने अपना वादा पूरा कर दिया है और अब उनकी मां उनके पास आ गई हैं, जिससे उन्हें अब अकेले नहीं रहना पड़ेगा। वह अब मां के आंचल की छांव में रहकर अपनी नवोदय विद्यालय की तैयारी और आगे की पढ़ाई पूरी कर सकेंगी। वहीं, शिक्षिका नरो देवी ने भी मुख्यमंत्री के संवेदनशील नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि इस त्वरित राहत से उन्हें अपने बच्चों की पढ़ाई और परवरिश पर बेहतर ढंग से ध्यान देने का अवसर मिलेगा।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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