Shimla News: हिमाचल प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ के तहत चयनित परिवारों की पात्रता की जांच और अंतिम सत्यापन के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने नई प्रक्रिया तय कर दी है। विभाग के निदेशक राघव शर्मा की ओर से प्रदेश के सभी उपायुक्तों को इस संबंध में विस्तृत निर्देश जारी कर दिए गए हैं, जिसके तहत 30 नवंबर तक पूरी प्रक्रिया को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
10 नवंबर तक पंचायतों के सूचना पट्ट पर लगेंगी सूचियां
जारी निर्देशों के अनुसार, सभी पंचायत सचिवों को 10 नवंबर तक ग्राम पंचायतवार स्वीकृत और अधिसूचित परिवारों की सूचियां पंचायतों के सूचना पट्ट पर प्रदर्शित करनी होंगी। इसके बाद प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में 16 से 18 नवंबर तक विशेष ग्रामसभाओं का आयोजन किया जाएगा। इन बैठकों में सूचियों पर व्यापक चर्चा होगी और लोगों को पात्रता के सत्यापन का अवसर मिलेगा। इन विशेष बैठकों के लिए कोरम (गणपूर्ति) की शर्त लागू नहीं होगी।
20 नवंबर तक दर्ज कराई जा सकेंगी आपत्तियां
कोई भी पंचायत निवासी अधिसूचित सूची में किसी अपात्र परिवार के नाम पर 20 नवंबर तक पंचायत सचिव के पास लिखित आपत्ति दर्ज करा सकता है। आपत्ति के साथ परिवार की पहचान, नियमों के उल्लंघन का आधार और दस्तावेजी साक्ष्य देना अनिवार्य किया गया है। गुमनाम, बिना प्रमाण या अस्पष्ट शिकायतों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। आपत्तियों की जांच के लिए पंचायत सचिव, पटवारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की एक संयुक्त क्षेत्रीय समिति बनाई गई है, जो 25 नवंबर तक अपनी रिपोर्ट खंड स्तरीय समिति को सौंपेगी।
30 नवंबर तक पूरी होगी पूरी प्रक्रिया
एसडीएम (नागरिक) की अध्यक्षता वाली खंड स्तरीय समिति क्षेत्रीय समिति की रिपोर्ट और आपत्तियों पर विचार कर अपात्र पाए गए परिवारों के नाम हटाने का अंतिम निर्णय लेगी। यह पूरी प्रक्रिया 30 नवंबर तक पूरी कर ली जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कवायद केवल पहले से अधिसूचित परिवारों की पात्रता जांचने के लिए है, न कि कोई नया सर्वेक्षण या पहचान प्रक्रिया शुरू करने के लिए। कांगड़ा के जिला विकास अधिकारी अभिनीत कात्यान शर्मा ने इन दिशा-निर्देशों की पुष्टि की है।