National News: बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भ्रामक नैरेटिव फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों के लाखों एजेंटों की मौजूदगी में हुई प्रक्रिया पर अब सवाल उठाना बेबुनियाद है।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर गलत सूचनाएं फैलाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष जानबूझकर जनता में भ्रम पैदा कर रहा है और देश की संवैधानिक संस्थाओं की साख को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है।
त्रिवेदी ने राहुल गांधी को भारतीय लोकतंत्र के लिए बड़ी चुनौती बताते हुए दावा किया कि देश और विदेश की कुछ ताकतें भारत की प्रगति को पचा नहीं पा रही हैं। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा उत्पादन और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है, जबकि विपक्षी दल ऐसी ताकतों के हाथों का खिलौना बनकर रह गए हैं।
बीएलओ और बीएलए की भूमिका पर कांग्रेस से तीखे सवाल
बीजेपी नेता ने मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया पर कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए बूथ स्तर की व्यवस्था का ब्योरा सामने रखा। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने देशभर में लगभग 12 लाख बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) नियुक्त किए थे। इसके साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों ने नाम जोड़ने और हटाने की निगरानी के लिए करीब 22 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) तैनात किए थे।
त्रिवेदी ने सवाल उठाया कि जब यह पूरी प्रक्रिया चल रही थी, तब क्या कांग्रेस पार्टी के एजेंट निष्क्रिय थे? उन्होंने पूछा कि क्या कांग्रेस के बीएलए ने इन सूचियों पर हस्ताक्षर किए थे, और यदि हस्ताक्षर नहीं किए तो उसी समय आधिकारिक आपत्ति क्यों दर्ज नहीं कराई गई? उन्होंने कहा कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब निराधार आरोप लगाना केवल राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।
चुनावी आंकड़ों के हवाले से कांग्रेस के दावों को नकारा
राहुल गांधी के एंटी-इनकंबेंसी और पार्टी की संभावनाओं से जुड़े बयानों पर पलटवार करते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन के आंकड़े पेश किए। उन्होंने कहा कि ओडिशा में पिछले 25 वर्षों से कांग्रेस का कोई मुख्यमंत्री नहीं बना है। इसके अलावा पार्टी गुजरात में 1995 से और उत्तर प्रदेश तथा बिहार में 1990 से सत्ता से बाहर चल रही है।
उन्होंने तर्क दिया कि जिन राज्यों में कुल 230 लोकसभा सीटें आती हैं, वहां कांग्रेस 10 सीटें हासिल करने के लिए भी कड़ा संघर्ष कर रही है। ऐसे कमजोर जनाधार के बावजूद पार्टी 272 के बहुमत के आंकड़े का दावा किस आधार पर कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने केरल के कांग्रेस नेता रमेश चेन्नीथला के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने स्वयं माना था कि उनकी पार्टी को एसआईआर प्रक्रिया से लाभ हुआ है।