Chamba News: चंबा-भरमौर नेशनल हाईवे पर भारी बारिश और लैंडस्लाइड के दौरान एनएचएआई टीम ने इंसानियत की मिसाल पेश की है। कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर एक गंभीर बुजुर्ग मरीज और सात महीने के बीमार मासूम शिशु की जान समय पर बचाई। पूरी टीम ने मलबे के बीच से दोनों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
दुनाली और दुर्गेठी के पास लैंडस्लाइड से बंद हुआ रास्ता
तड़के करीब तीन बजे दुनाली के पास लैंडस्लाइड होने से मार्ग पूरी तरह बंद हो गया था। इसके अलावा रास्ते में करीब 12 से 13 जगहों पर भारी मलबा गिरा हुआ था। इसी दौरान भरमौर अस्पताल से आ रहे बुजुर्ग मरीज की एंबुलेंस दुर्गेठी में रास्ता बंद होने के कारण फंस गई।
एनएचएआई की टीम ने जोखिम उठाकर बुजुर्ग को अपने पेट्रोलिंग वाहन तक पहुंचाया। टीम ने मशीनरी की मदद से रास्ता साफ करते हुए गाड़ी को आगे बढ़ाया। इसके बाद मरीज को सुरक्षित बग्गा पहुंचाया गया, जहां से उन्हें दूसरी एंबुलेंस के जरिए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चंबा में भर्ती कराया गया।
सात महीने के मासूम को वेंटिलेटर की थी सख्त जरूरत
दूसरा गंभीर मामला शाम चार बजे दुर्गेठी के पास सामने आया। भरमौर की तरफ से आ रही एंबुलेंस में एक सात माह का गंभीर शिशु मौजूद था। बच्चे को तुरंत वेंटिलेटर की दरकार थी। रास्ता बंद होने पर एनएचएआई टीम ने पैदल ही मलबे और पत्थरों को पार कराया।
टीम ने शिशु को पेट्रोलिंग गाड़ी से बत्ती की हट्टी तक पहुंचाया। वहां भी रास्ता बंद होने पर उसे सुरक्षित दूसरी ओर ले जाया गया। फिर दूसरे पेट्रोलिंग वाहन से बग्गा पहुंचाकर तुरंत मेडिकल कॉलेज चंबा भेजा गया। टीम की तत्परता से मासूम की जान समय पर बचा ली गई।
जांच के दौरान एनएचएआई अधिकारियों की गाड़ी पर गिरा पत्थर
तीसरी घटना चंबा-पठानकोट एनएच पर परेल घार में हुई। साइट विजिट के दौरान एनएचएआई अधिकारियों के वाहन पर भारी पत्थर गिर गया, जिससे गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। साइट इंचार्ज साहिल ठाकुर, सुपरवाइजर सन्नी कुमार, फौजा सिंह और रविंद्र कुमार जांच के लिए नीचे उतरे थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
एनएचएआई के साइट इंचार्ज साहिल ठाकुर ने बताया कि रास्ते को चालू रखने के साथ आपात स्थिति में लोगों की जान बचाना प्राथमिकता है। बारिश के बीच टीम ने बुजुर्ग और मासूम को समय पर अस्पताल पहुंचाया। परेल घार में हादसा टला है और टीम मुस्तैदी से काम कर रही है।