Shimla News: अलनीनो के डर को पीछे छोड़ते हुए हिमाचल प्रदेश में मानसून ने जबरदस्त वापसी की है। जुलाई महीने में हुई झमाझम बारिश से राज्य में सूखे का खतरा टल गया है। जून की कमी को पूरा करते हुए अब प्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जुलाई में अब तक 204.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य 192.8 मिलीमीटर से 6 प्रतिशत अधिक है। जून महीने में 35 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई थी, लेकिन लगातार हो रही बरसात से यह घाटा घटकर 24 जुलाई तक केवल 8 प्रतिशत रह गया है।
प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी और भूस्खलन का खतरा
मौसम केंद्र ने 27 जुलाई से मानसून की रफ्तार और तेज होने का अनुमान जताया है। विभाग ने 29 जुलाई तक मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लगातार तेज बारिश से संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और नदियां उफान पर आने का खतरा बढ़ गया है, जिसे देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है।
विभिन्न जिलों में बारिश के आंकड़े देखें तो सिरमौर में सबसे ज्यादा 420.8 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से 24 प्रतिशत ज्यादा है। शिमला में 240.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 50 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा कुल्लू जिले में भी सामान्य से 56 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
दूसरी तरफ कुछ जिलों में बारिश का कोटा अभी पूरा नहीं हुआ है। कांगड़ा में 380.7 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 12 प्रतिशत कम है। मंडी में 29 प्रतिशत और लाहौल-स्पीति में 34 प्रतिशत बारिश की कमी रही। हमीरपुर जिला सबसे पीछे रहा, जहां सामान्य से 42 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।