Kangra News: कांगड़ा जिला उपभोक्ता आयोग ने चिकित्सकीय लापरवाही के मामले में नगरोटा बगवां के एक निजी नर्सिंग होम पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने अस्पताल को मृतका के परिजनों को मुआवजा देने के साथ 25 हजार मुकदमा खर्च और 50 हजार रुपये विधिक सहायता कोष में जमा करने के निर्देश दिए हैं।
पालमपुर के गढ़ गांव की 65 वर्षीय मनोरमा देवी को घुटने के ऑपरेशन के लिए भर्ती किया गया था। सर्जरी के बाद 24 मार्च 2023 को ब्लड चढ़ाने पर उनकी तबीयत बिगड़ी और टांडा मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। जांच में सामने आया कि ब्लड यूनिट को 22 घंटे बाद नियमों की अनदेखी कर चढ़ाया गया था।
ब्लड स्टोरेज और ट्रांसफ्यूजन प्रोटोकॉल में मिली भारी गड़बड़ी
आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा की पीठ ने पाया कि अस्पताल ने ब्लड स्टोरेज के तापमान और ट्रांसफ्यूजन से जुड़े जरूरी प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया। रिकॉर्ड और फॉर्म में भी गंभीर विसंगतियां पाई गईं। मेडिकल एक्सपर्ट के अनुसार गलत प्रक्रिया के चलते सेप्टिक शॉक और लंग इंजरी मरीज की मौत की मुख्य वजह बनी।
उपभोक्ता अदालत ने अस्पताल प्रबंधन को सीधे तौर पर लापरवाही का दोषी करार देते हुए शिकायत मंजूर की। वहीं टांडा अस्पताल और ब्लड बैंक के खिलाफ कोई लापरवाही साबित न होने पर उन्हें राहत दी गई है। आयोग ने स्पष्ट किया कि मरीजों की सुरक्षा और मेडिकल गाइडलाइंस से समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।