Kangra News: कांगड़ा जिले के इंदौरा क्षेत्र में वन विभाग के दफ्तर से महज 700 मीटर की दूरी पर खैर के सात से आठ पेड़ काट दिए गए। यह मामला भदरोआ रेंज ऑफिस के नजदीक अंदरून डमटाल का है। वन काटू पेड़ों को काटकर आराम से फरार हो गए और विभाग को भनक तक नहीं लगी।
पिछले कुछ समय से इलाके में लकड़ी तस्करों के हौसले बुलंद हैं। इंदपुर, भदरोआ और टूटा तालाब क्षेत्रों में खैर की लकड़ी से लदी गाड़ियां पकड़े जाने के बावजूद अवैध कटान नहीं रुक रहा है। इन वारदातों से साफ है कि इलाके में लकड़ी माफिया का संगठित नेटवर्क सक्रिय होकर लगातार काम कर रहा है।
वन विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि रात के अंधेरे में जंगलों में कुल्हाड़ी चल रही है और सूचना देने पर भी देर से कार्रवाई होती है। लोगों ने सवाल उठाया कि नियमित गश्त के दावों के बीच तस्कर कैसे बच निकलते हैं। ग्रामीणों के बीच तस्करों को किसी रसूखदार के संरक्षण मिलने की चर्चा भी तेज है।
भदरोआ के रेंज ऑफिसर अब्दुल हमीद ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी। वहीं बीओ संजय कुमार ने कहा कि अंदरून डमटाल में कटे पेड़ों को कब्जे में ले लिया गया है। वन काटुओं की धरपकड़ के लिए गश्त को और तेज किया जाएगा।
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