कुल्लू के ऐतिहासिक बिजली महादेव मंदिर परिसर में फैला कचरा और शराब की बोतलें, स्वच्छता सेना ने चलाया सफाई अभियान

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Kullu News: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित प्रसिद्ध बिजली महादेव मंदिर परिसर में आस्था को शर्मसार करने वाला दृश्य सामने आया है। मंदिर क्षेत्र में भारी मात्रा में पॉलीथीन, प्लास्टिक कचरा और शराब की खाली बोतलें बिखरी मिलीं। पराशर ऋषि स्वच्छता सेना ने अभियान चलाकर वहां से 12 क्विंटल कचरा साफ किया।

स्वच्छता सेना की 15 सदस्यीय टीम ने 24 और 25 अगस्त को मंदिर परिसर में सफाई अभियान चलाया। संस्था के प्रमुख धूमल ठाकुर ने बताया कि मंदिर के 50 मीटर दायरे से शराब की 600 से अधिक खाली बोतलें बरामद हुईं। कुल्लू में कचरा निस्तारण की जगह न मिलने पर इसे मंडी ले जाया गया।

स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति से धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की गई है। मंदिर के पुजारी मदन ने कहा कि समिति और स्वयंसेवक समय-समय पर सफाई करते रहते हैं। हालांकि, धार्मिक पर्यटन के नाम पर बढ़ रही ऐसी गतिविधियां चिंता का विषय बनी हुई हैं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार बिजली महादेव को कुल्लू घाटी का रक्षक माना जाता है। हर 12 साल में एक बार शिवलिंग पर आकाशीय बिजली गिरती है, जिससे वह खंडित हो जाता है। इसके बाद स्थानीय लोग मक्खन एकत्र करते हैं और पुजारी मक्खन के लेप से शिवलिंग को दोबारा जोड़ते हैं। मई 2025 में भी बिजली गिरी थी।

समुद्र तल से 2460 मीटर की ऊंचाई पर खराहल घाटी में स्थित यह मंदिर वर्ष में नौ महीने श्रद्धालुओं के लिए खुला रहता है। मंदिर तक पहुंचने के लिए चंसारी गांव से 3 किलोमीटर ट्रैकिंग करनी पड़ती है। 15 दिसंबर से 15 मार्च तक मंदिर के कपाट बंद रहते हैं, क्योंकि मान्यता है कि देवता इस दौरान तपस्या करते हैं।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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