Shimla News: हिमाचल प्रदेश ग्रामीण विकास विभाग ने वीबीजी रामजी योजना के तहत सामग्री खरीद और भुगतान को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। विभाग के निदेशक एवं आयुक्त राघव शर्मा ने सभी उपायुक्तों और विकास अधिकारियों को पत्र भेजकर वित्तीय नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने को कहा है।
सीमेंट छोड़कर किसी भी सामग्री का नहीं होगा अग्रिम भुगतान
नए निर्देशों के अनुसार केवल राज्य नागरिक आपूर्ति निगम से खरीदे जाने वाले सीमेंट का ही अग्रिम भुगतान हो सकेगा। इसके अलावा किसी भी सामग्री के लिए एडवांस पेमेंट नहीं दी जाएगी। यदि कहीं नियमों की अनदेखी हुई तो सामग्री सूची तैयार करने वाले कर्मचारी और भुगतान अधिकृत करने वाले अधिकारी पर सीधी कार्रवाई होगी।
मस्टररोल भुगतान के बाद ही तैयार होगी सामग्री सूची
विभाग ने मानक संचालन प्रक्रिया स्पष्ट करते हुए कहा कि श्रमिक मस्टररोल के भुगतान की स्वीकृति के बाद ही सामग्री सूची बनेगी। मस्टररोल बंद होने के तीन दिनों के भीतर तकनीकी माप के आधार पर मजदूरी दी जाएगी। पंचायत सचिव या ग्राम रोजगार सेवक बिलों की जांच कर इन्हें खंड विकास अधिकारी को भेजेंगे।
60 और 40 के वित्तीय अनुपात का कड़ाई से पालन अनिवार्य
योजना के तहत मजदूरी और सामग्री का 60:40 का अनुपात बनाए रखना अनिवार्य रहेगा। यदि किसी कार्य में सामग्री की लागत 40 प्रतिशत से अधिक होती है तो अतिरिक्त स्रोत का उल्लेख एस्टीमेट में करना होगा। पंचायती राज विभाग के अतिरिक्त निदेशक केवल शर्मा ने इन नए दिशा-निर्देशों की पुष्टि की है।