सऊदी अरब और हूतियों के बीच संघर्ष तेज, रियाद पर मिसाइल हमले के बाद अमेरिका ने तैनात किया B-1B बॉम्बर

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Riyadh News: सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। हूतियों ने रियाद समेत कई शहरों और तेल ठिकानों को निशाना बनाया। इसके जवाब में सऊदी गठबंधन ने जोरदार हवाई हमले किए हैं। बिगड़ते हालात के बीच अमेरिका ने ब्रिटेन से अपना घातक बॉम्बर रवाना कर दिया है।

संघर्ष के चलते 18 और 19 सितंबर को खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा संकट गहरा गया। हूतियों ने दावा किया कि सऊदी अरब ने उनके ठिकानों पर 24 घंटे में 26 एयरस्ट्राइक कीं। पिछले एक हफ्ते में यह संख्या 300 तक पहुंच गई है। इन हमलों में ताइज और हाज्जा प्रांत के कई इलाके शामिल रहे।

सऊदी समर्थित यमन सरकार की सेना ने ताइज के अल-वजीआह में 30 हूती लड़ाकों को ढेर करने का दावा किया है। इस मुठभेड़ में 60 से ज्यादा लड़ाके घायल हुए। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने का आरोप लगा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इन हूती हमलों की कड़ी निंदा की है।

सुरक्षा परिषद ने सऊदी अरब के आत्मरक्षा के अधिकार का पूरी तरह समर्थन किया। उसने हूतियों पर हथियार प्रतिबंध सख्ती से लागू करने की मांग दोहराई। यमन में मानवीय संकट तेजी से गहरा रहा है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक सितंबर की शुरुआत से अब तक एक लाख से ज्यादा लोग बेघर होकर विस्थापित हो चुके हैं।

शनिवार 19 सितंबर की सुबह रियाद में हवाई हमले का सायरन बजते ही अफरा-तफरी मच गई। जुलाई के बाद राजधानी में पहली बार ऐसा अलर्ट जारी हुआ। किंग खालिद एयरपोर्ट के पास जोरदार धमाकों के बाद काला धुआं देखा गया। हालांकि सऊदी प्रशासन ने तेल भंडारण में किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं की।

सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने कहा कि रियाद की तरफ दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को एयर डिफेंस ने मार गिराया। उन्होंने बताया कि हूतियों ने यानबू, ताइफ, बीशा और फरासन में भी हमले किए। इन सभी हमलों को नाकाम कर दिया गया। अल-मालिकी ने इसे खुला आतंकी कृत्य करार दिया।

दूसरी तरफ हूती प्रवक्ता याह्या सारी ने कहा कि उन्होंने रियाद और यानबू की अरामको फैसिलिटी पर मिसाइलें और ड्रोन दागे। यह कार्रवाई सना पर हुए हमलों का जवाब थी। हूतियों का कहना है कि जब तक लाल सागर की नाकाबंदी खत्म नहीं होगी, वे सऊदी सैन्य ठिकानों पर लगातार हमले करते रहेंगे।

हूती लड़ाकों ने मोखा बंदरगाह और बाब अल-मंदब के पास पेरिम द्वीप पर नियंत्रण मजबूत कर लिया है। इससे सऊदी अरब के तेल निर्यात मार्गों पर भारी संकट खड़ा हो गया है। हालिया हमलों से सऊदी की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन प्रभावित हुई और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया।

ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रजाई ने अमेरिका के सामने बातचीत के लिए सात सख्त शर्तें रखी हैं। उन्होंने युद्ध रोकने, नौसैनिक नाकाबंदी हटाने और फंड जारी करने की मांग की। इधर, सऊदी अरब की अपील पर चीन ने भी तेहरान से हूती विद्रोहियों पर लगाम लगाने और तनाव कम करने का आग्रह किया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हूतियों को ईरान का सरोगेट बताते हुए कड़े एक्शन की चेतावनी दी है। संकट बढ़ता देख ट्रंप ने कैंप डेविड की अपनी छुट्टी तय समय से पहले खत्म कर दी। इसके साथ ही अमेरिका ने ब्रिटेन के एयरबेस से अपना भारी भरकम B-1B लांसर बॉम्बर विमान एक्टिव कर दिया है।

Right News Desk
Right News Desk
लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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