वोटर लिस्ट के विशेष सत्यापन में बड़ा खुलासा, चुनाव आयुक्त एसएस संधू समेत कई वीआईपी हस्तियों को मिला नोटिस

Share

- Advertisement -

New Delhi News: देशभर में मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत कई प्रमुख हस्तियों को नोटिस भेजे गए हैं। इस लिस्ट में चुनाव आयुक्त एसएस संधू, विदेश मंत्री एस जयशंकर और अरविंद केजरीवाल समेत कई बड़े नाम शामिल हैं। यह कदम रिकॉर्ड के मिलान और वेरिफिकेशन के लिए उठाया गया है।

मतदाता सूची के इस स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर के दौरान चुनावी रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की जा रही है। जांच सूची में पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की बेटी प्रतिभा आडवाणी, वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी और विदेश सचिव विक्रम मिसरी के नाम भी सामने आए हैं।

सत्यापन की इस सूची में अलग-अलग मामलों के लिए भिन्न कारण दर्ज हैं। कुछ रिकॉर्ड्स में नाम की स्पेलिंग में अंतर पाया गया है, जबकि कुछ का मिलान पिछले रिकॉर्ड से नहीं हो सका। कुछ प्रविष्टियों में तार्किक विसंगतियों का भी उल्लेख किया गया है, जिसके चलते यह नोटिस जारी हुए।

अधिकारियों के अनुसार नोटिस मिलने का यह कतई अर्थ नहीं है कि संबंधित व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट से काट दिया गया है। यह पूरी प्रक्रिया केवल चुनावी रिकॉर्ड के सत्यापन और स्पष्टीकरण का हिस्सा है। संबंधित नागरिकों से आवश्यक जानकारी मिलने के बाद उनके डेटा को सही तरीके से अपडेट कर दिया जाएगा।

विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनकी पत्नी केएस जयशंकर के नाम भी चुनावी रिकॉर्ड की इस जांच प्रक्रिया में सामने आए हैं। दोनों के मामलों में रिकॉर्ड का भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। दस्तावेज और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर स्थिति स्पष्ट होते ही प्रक्रिया पूरी मान ली जाएगी।

वहीं वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल और विदेश सचिव विक्रम मिसरी के मामले में नाम पुराने रिकॉर्ड से मैप नहीं होने की बात कही गई है। इस रिवीजन प्रक्रिया में पिछले डेटा से मिलान अनिवार्य होता है। सीधा मिलान न होने पर संबंधित व्यक्ति से दोबारा विवरण लेकर पुष्टि की जाती है।

इसके अलावा दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों के नाम भी इस लिस्ट में दर्ज हैं। कई अन्य राजनीतिक और सार्वजनिक चेहरों के रिकॉर्ड में भी अंतर मिला है। किसी मामले में अनमैपिंग तो किसी में डाटा विसंगति की वजह से यह नोटिस भेजे गए हैं।

चुनाव आयोग का यह स्पेशल अभियान वोटर लिस्ट को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने साफ किया है कि यह केवल सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। सूची में नाम आना किसी की मतदाता पात्रता रद्द होने का संकेत बिल्कुल नहीं है।

Right News Desk
Right News Desk
लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

Read more

Related News