Riyadh News: पश्चिम एशिया में संघर्ष गहराने के बाद अमेरिका ने अपनी सैन्य हलचल तेज कर दी है। अमेरिकी वायुसेना के लंबी दूरी के बी-1बी लांसर बमवर्षक विमान ने ब्रिटेन के एयरबेस से उड़ान भरी है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी अपना वीकेंड वेकेशन समय से पहले खत्म करके व्हाइट हाउस लौट आए हैं।
सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों के बाद यह बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने राष्ट्रपति के कार्यक्रम में अचानक हुए इस बदलाव की आधिकारिक वजह नहीं बताई है। जानकारों का मानना है कि खाड़ी क्षेत्र में बने गंभीर हालात के चलते ही यह फैसला लिया गया है।
किंग्स कॉलेज लंदन के सीनियर रिसर्चर नवाफ ओबैद के अनुसार सऊदी अरब और उसके साथी देश हूती हमलों का कड़ा जवाब देने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस साझा सैन्य अभियान में कई देश शामिल हो सकते हैं। यह कार्रवाई जमीन, समुद्र और आसमान, तीनों मोर्चों पर एक साथ की जा सकती है।
ओबैद का कहना है कि कई सहयोगी देशों ने अपने आधुनिक हथियार और सुरक्षा प्रणालियां सऊदी अरब पहुंचाना शुरू कर दिया है। इसके अलावा लाल सागर के इलाके में आधुनिक लड़ाकू विमानों की तैनाती बढ़ाई जा रही है। उन्होंने तुर्किये को इस सैन्य मोर्चे का मुख्य साझीदार बताया है, जबकि मिस्र की सीमित भूमिका रहने की उम्मीद जताई है।
संकट की इस घड़ी में सऊदी अरब की मदद को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पहले माना जा रहा था कि मक्का समझौते के तहत पाकिस्तान और तुर्किये तेजी से आगे आएंगे। हालांकि पाकिस्तान केवल बयानबाजी और निंदा तक सीमित रहा है। उसने ईरान और सऊदी के बीच मध्यस्थता की कोशिश की, जो पूरी तरह बेअसर साबित हुई।
पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी अब बातचीत के लिए तेहरान जा रहे हैं, लेकिन इससे ठोस नतीजे की संभावना बेहद कम है। ईरान पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि उसका यमन के हूती विद्रोहियों पर कोई सीधा नियंत्रण नहीं है। ऐसे में क्षेत्रीय स्तर पर कूटनीतिक सुलह की कोशिशें लगातार कमजोर साबित हो रही हैं।
सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने पुष्टि की है कि शनिवार तड़के रियाद पर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया। गठबंधन प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि बीशा, ताइफ, फरासन और यानबू में नागरिक ठिकानों पर हुए हमलों को भी नाकाम किया गया है।
शनिवार सुबह रियाद में जोरदार धमाके की आवाज सुनी गई और एयरपोर्ट के पास आसमान में काला धुआं उठता देखा गया। सऊदी प्रशासन ने इससे पहले शुक्रवार रात देशभर में हवाई खतरे की चेतावनी जारी की थी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद खाड़ी देशों में सैन्य टकराव की आशंका और ज्यादा बढ़ गई है।