Manama News: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष तेजी से बढ़ रहा है। बहरीन में तड़के एयर रेड सायरन बजाकर नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की चेतावनी जारी की गई। यह कदम अमेरिकी सेना द्वारा ईरान पर लगातार 13वीं रात किए गए हवाई हमलों के बाद उठाया गया है।
दोनों देशों के बीच यह भीषण विवाद रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर वर्चस्व को लेकर शुरू हुआ था। इस पूरे घटनाक्रम के चलते खाड़ी के अन्य देश भी लगातार हमलों की चपेट में आ रहे हैं। इस संघर्ष के कारण क्षेत्रीय शांति और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्ग पर गंभीर संकट मंडराने लगा है।
लाल सागर और केश्म द्वीप पर भी बढ़े सैन्य हमले
ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमला किया है। इसके अलावा गुरुवार को ईरान के रणनीतिक केश्म द्वीप पर कई धमाके दर्ज किए गए। इस द्वीप पर नौसैनिक संसाधनों और ड्रोन नौकाओं का विशाल भंडार मौजूद है।
ईरान के उत्तर-पश्चिमी इलाकों जैसे अंदीमेश्क, ओमीदियेह और फिरूजाबाद के पास भी विस्फोटों की खबरें मिली हैं। वहीं करुण नदी के तट पर स्थित अहवाज के बाहरी इलाके में अमेरिकी मिसाइल हमले में चार लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। क्षेत्र में हालात लगातार विस्फोटक बने हुए हैं।
वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा के लिए अमेरिकी सेंट्रल कमांड की कार्रवाई
यूएस सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम ने बताया कि नए हवाई हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान की हमलावर क्षमताओं को ध्वस्त करना है। अमेरिकी सेना क्षेत्रीय जलमार्गों से गुजरने वाले नागरिक नाविकों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहती है। लगातार हो रहे इन हमलों से खाड़ी क्षेत्र में व्यापक युद्ध की आशंका गहरा गई है।