New York News: संयुक्त राष्ट्र महासभा में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भाषण के दौरान कड़ा विरोध देखने को मिला। कई देशों के राजनयिक हॉल से बाहर चले गए। नेतन्याहू ने वॉकआउट करने वालों को मोरल कायर करार दिया। उन्होंने गाजा जंग, ईरान और अन्य मुद्दों पर अपना कड़ा रुख साफ किया।
नेतन्याहू के मंच पर कदम रखते ही हॉल में हूटिंग शुरू हो गई। इस विरोध के बीच इजरायली प्रतिनिधिमंडल ने तालियां बजाईं। उन्होंने ‘अम यिसराइल चाई’ के नारे लगाए। सदन में लगातार हंगामे की वजह से यूएन अधिकारियों को शांति बनाए रखने के लिए बार-बार दखल देना पड़ा।
नेतन्याहू ने अपने भाषण में गाजा जंग, ईरान और लेबनान में हिजबुल्लाह पर बात रखी। उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन की खुलकर सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी, कतर, तुर्की और पश्चिमी यूरोप के कई नेताओं की कड़ी आलोचना भी की।
गाजा में सैन्य एक्शन और ईरान पर बड़ा दावा
नेतन्याहू ने 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले को बेहद खौफनाक बताया। उन्होंने गाजा में सैन्य एक्शन को जायज ठहराते हुए खुद का बचाव किया। नेतन्याहू ने इजरायल पर लग रहे नरसंहार के आरोपों को सिरे से नकारा। उन्होंने इन आरोपों को सदी का सबसे बड़ा झूठ करार दिया।
इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने नरसंहार रोका है, जो हमास करना चाहता था। उन्होंने ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों पर हुए हमलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला कठिन था, लेकिन देश के अस्तित्व और सुरक्षा को बचाने के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी था।
कतर, तुर्की और पश्चिमी देशों पर साधा निशाना
कतर पर हमला बोलते हुए नेतन्याहू ने कहा कि वह अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नफरत फैला रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कतर अमेरिकी कॉलेजों और अल जजीरा के जरिए युवाओं को भड़का रहा है। इसके साथ ही उन्होंने तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन को तानाशाह करार दिया।
उन्होंने यूरोपीय देशों को यहूदी विरोधी भीड़ के आगे झुकने वाला बताया। नेतन्याहू ने कहा कि यूरोप को लोकतंत्र और मुस्लिम ब्रदरहुड में से एक को चुनना होगा। उन्होंने न्यूयॉर्क मेयर जोहरान ममदानी की हमास समर्थक सोच पर सवाल उठाए और उपनिवेशवाद के सभी आरोपों को खारिज कर दिया।