Washington News: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका ने अपने एक और सैनिक की मौत के बाद ईरान पर नए एयर स्ट्राइक किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा कि यह कार्रवाई हमारे जवानों पर हुए जानलेवा हमलों का कड़ा जवाब है।
अमेरिकी सेना के मुताबिक शनिवार को इराक में हुए ड्रोन अटैक में एक और अमेरिकी जवान की जान चली गई। इससे पहले जॉर्डन में हुए हमले में दो सैनिकों की मौत, एक के लापता होने और चार के घायल होने की पुष्टि हुई थी। इस संघर्ष में अब तक कुल 17 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं।
जॉर्डन हमले के जवाब में अमेरिकी सेंटकॉम की बड़ी कार्रवाई
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि हमने अमेरिका के जवानों की मौत का बदला लेने के लिए यह कार्रवाई की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि जॉर्डन हमले के जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को निशाना बनाया गया है। इस कार्रवाई का मकसद ईरान की हमलावर सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है।
ईरान द्वारा जॉर्डन की तरफ मिसाइल दागे जाने से अब युद्ध के दूसरे देशों में फैलने का डर बढ़ गया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिसाइल हमले रुकने का नाम नहीं लेते हैं, तो इजराइल भी इस जंग में सीधे कूद सकता है। इससे पूरे इलाके में हालात और अधिक बिगड़ सकते हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर असर और वैश्विक क्रूड ऑयल संकट
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव का सीधा असर अब ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर भी साफ दिखने लगा है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऑयल ट्रेड रूट होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इस बीच ओमान तट के पास एक कमर्शियल शिप में आग लगने की खबर मिली है।
दूसरी तरफ कुवैत ने ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों को नाकाम करने के लिए अपना एयर डिफेंस सिस्टम चालू कर दिया है। ईरान ने कुवैत के पावर प्लांट्स और वॉटर प्लांट को निशाना बनाया है। कुवैत अपनी 90 प्रतिशत पानी की जरूरत इन्हीं प्लांट से पूरी करता है, जिससे संकट गहरा गया है।