Rasuwa News: नेपाल में आई भीषण बाढ़ के कारण रसुवा जिले की छह हाइड्रोपावर परियोजनाओं में 500 से अधिक लोगों के फंसे होने की आशंका है। नेपाल सेना और सशस्त्र पुलिस बल के 11,000 से अधिक जवान खराब मौसम और मलबे के बीच अब तक का सबसे कठिन राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं।
एनएपीएफ के प्रवक्ता और डीआईजी नेत्र बहादुर कार्की ने बताया कि बचाव दलों का मुख्य ध्यान ऊपरी त्रिशूली, रसुवा, चिलिमे खोला और लांगटांग जैसी परियोजनाओं पर है। लगातार बारिश, टूटे रास्ते और भारी कीचड़ के कारण राहत कार्यों में भारी बाधा आ रही है। हालांकि, धुंचे तक चार पहिया वाहनों के लिए रास्ता खोल दिया गया है।

मलबे में दबी छह साल की बच्ची सुरक्षित बाहर
अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए रसुवा के तिमुरे में मलबे के नीचे करीब 60 घंटे तक दबी छह साल की बच्ची मनीषा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। हालांकि, उसके माता-पिता के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। इस आपदा में सुरक्षाबल के 13 जवान भी लापता हैं।
सुरक्षा बलों द्वारा सुरंग से मलबा हटाने का काम जारी
नेपाली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजाराम बसनेट ने बताया कि त्रिशूली 3ए जलविद्युत सुरंग में जमा कीचड़ और भारी पत्थरों को हटाया जा रहा है। निकास मार्ग खोजने के लिए आधुनिक ड्रिलिंग मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। संयुक्त टीमें ड्रोन और अन्य तकनीकी संसाधनों की मदद से फंसे हुए लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
