Kathmandu News: नेपाल-चीन सीमा पर बुधवार को भयंकर फ्लैश फ्लड के कारण भारी तबाही मची है। केरुंग बॉर्डर पर स्थित विशाल कस्टम ऑफिस पानी के तेज बहाव में पूरी तरह बह गया। इस भीषण प्राकृतिक आपदा में 22 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से ज्यादा भारतीयों समेत 384 पर्यटक लापता हैं।
भारतीय दूतावास ने जारी किए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर
काठमांडू स्थित इंडियन एम्बेसी ने बाढ़ प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। दूतावास ने सोशल मीडिया पर बताया कि प्रभावित नागरिक और उनके परिजन मदद के लिए +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर तुरंत संपर्क स्थापित कर सकते हैं।
नेपाल की भोटे कोशी नदी में आए उफान से उत्तरी हिस्से के रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों में भीषण तबाही हुई है। नेपाल टूरिज्म बोर्ड के अनुसार लापता 384 पर्यटकों में 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक हैं। विदेशी यात्रियों में भारत के अलावा ब्रिटेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, दक्षिण अफ्रीका और नीदरलैंड के नागरिक शामिल हैं।
राहत और बचाव के लिए प्रधानमंत्री ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक
शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार लापता पर्यटक नौ अलग-अलग ट्रैवल एजेंसियों के माध्यम से यात्रा पर निकले थे। लोकल अथॉरिटीज, नेपाली आर्मी और डिजास्टर मैनेजमेंट की टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं। प्रधानमंत्री बालेन शाह ने आपदा प्रबंधन परिषद की उच्चस्तरीय बैठक बुलाकर बचाव और राहत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
प्रधानमंत्री ने तटीय और जोखिम वाले निचले क्षेत्रों से लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के सख्त निर्देश दिए हैं। रसुवा जिले में बाढ़ से घर, बाजार, सड़कें और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स बह गए हैं। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और एजेंसियों से आंकड़ों का सत्यापन कराया जा रहा है।