Varanasi News: पवित्र श्रावण मास के अवसर पर शिव भक्तों और कांवरियों के स्वागत के लिए भोले की नगरी काशी पूरी तरह सज-धज कर तैयार है। काशी विश्वनाथ मंदिर समेत पूरे वाराणसी शहर में सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रेलवे स्टेशन पर विशेष होल्डिंग एरिया बनाया गया है।
गुरुवार से सावन मास का शुभारंभ हो चुका है, लेकिन श्रद्धालुओं और कांवरियों का भारी हुजूम दो अगस्त से उमड़ने की उम्मीद जताई जा रही है। सावन का पहला सोमवार तीन अगस्त को पड़ेगा। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए दशाश्वमेध स्थित चितरंजन पार्क के पास 30 जुलाई से 28 अगस्त तक रोजाना दोपहर में अखंड भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
पूरे शहर में 5 जोन और 15 सेक्टर लागू, ड्रोन और त्रिनेत्र से सुरक्षा की निगरानी
लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए पुलिस ने हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है। वाराणसी शहर को 5 जोन और 15 सेक्टर में विभाजित किया गया है। सुरक्षा की कमान 5 आईपीएस और 50 राजपत्रित अधिकारियों के नेतृत्व में लगभग पांच हजार पुलिसकर्मी संभालेंगे। जल, थल और नभ तीनों स्तरों पर निगरानी की जाएगी।
शहर के 70 प्रतिशत हिस्से पर सीसीटीवी कैमरों और ‘त्रिनेत्र’ प्रणाली के माध्यम से नजर रखी जाएगी। इसके साथ ही 24 घंटे ड्रोन कैमरों से निगरानी होगी। जल सुरक्षा के लिए एनडीआरएफ, पीएसी और जल पुलिस की टीमें गंगा घाटों पर तैनात रहेंगी। रेलवे स्टेशन और केवीटी परिसर में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।
बीएचयू विश्वनाथ मंदिर में अलग कतारें, इस बार सावन में बन रहे 9 विशेष योग
बीएचयू परिसर स्थित श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में भी सावन महोत्सव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मंदिर में दर्शन के लिए महिला, पुरुष और विश्वविद्यालय परिवार के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई हैं। भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए विशेष तिथियों और सोमवार को गर्भगृह में रुद्राभिषेक कराने पर पूरी तरह से रोक रहेगी।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष चार सोमवार वाले सावन में साधना के लिए कुल नौ विशेष योग बन रहे हैं। तीन अगस्त को पहले सोमवार पर यायीजय योग और 10 अगस्त को दूसरे सोमवार पर सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। श्रवण नक्षत्र से जुड़े इन शुभ योगों में भगवान शिव का पूजन-अर्चन करना साधकों के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है।