Lucknow News: लखनऊ विकास प्राधिकरण ने राजधानी में बढ़ती आग की घटनाओं को देखते हुए इमारतों के नक्शा पास कराने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब 15 मीटर ऊंचाई वाली छोटी इमारतों के लिए भी अग्नि सुरक्षा मानक अनिवार्य कर दिए गए हैं। अब मानचित्र स्वीकृति से पहले भवन स्वामियों को सुरक्षा शपथ पत्र देना होगा।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार द्वारा जारी नए आदेशों के अनुसार बड़ी इमारतों का नक्शा केवल फायर विभाग की वैध एनओसी मिलने के बाद ही पास किया जाएगा। इसके अतिरिक्त नक्शा पास होने के तीन महीने के भीतर निर्माण कर्ताओं को फायर ऑडिट कराना होगा या फिर संबंधित विभाग से आधिकारिक अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है।
छोटी इमारतों में आग की घटनाएं रोकने के लिए कड़े नियम
अब तक राष्ट्रीय भवन संहिता के तहत 15 मीटर से कम ऊंचाई और 500 वर्गमीटर से कम क्षेत्रफल वाले व्यावसायिक भवनों को फायर एनओसी की जरूरत से छूट हासिल थी। इसी ढील के कारण कम ऊंचाई वाले होटलों और परिसरों में सुरक्षा इंतजाम बेहद कमजोर रहते थे, जिससे हादसों का खतरा हमेशा बना रहता था।
हाल के दिनों में ऐसी छोटी इमारतों में कई अग्निकांड की घटनाएं देखने को मिली हैं। इसी स्थिति को देखते हुए जनहित में यह नया नियम लागू किया गया है। अब असेंबली हॉल, अस्पताल, स्कूल, होटल, कोचिंग सेंटर, बैंक, सिनेमाघर और जिम जैसी इमारतों के नक्शे पास करने से पहले फायर और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी का शपथ पत्र जमा करना होगा।
अधिकारियों को सख्त जांच और फायर ऑडिट कराने के निर्देश
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने सभी अभियंताओं को उत्तर प्रदेश अग्नि सुरक्षा एवं आपात सेवा अधिनियम-2022 और नियमावली-2024 के मानकों का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया है। नए नियमों का उद्देश्य शहर में जान-माल के नुकसान को रोकना और निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा के सभी अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय मानकों को प्रभावी ढंग से स्थापित करना है।