Thiruvananthapuram News: केरल के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री अनूप जैकब ने कहा है कि राज्य सरकार राशन कार्डों को फ्रीज होने से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। राज्य में लगभग 50,000 प्राथमिकता वाले और करीब पांच लाख नीले व सफेद कार्डों के फ्रीज होने की संभावना को लेकर चिंताएं जताई जा रही थीं।
लाभार्थियों के अधिकार सुरक्षित रखने के लिए अभियान
मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने कार्ड फ्रीज करने को लेकर राज्य को कोई औपचारिक सूचना नहीं दी है। राज्य सरकार उन सभी लाभार्थियों के कार्ड फिर से चालू कराने की प्रक्रिया में जुटी है, जिन्होंने बीते छह महीने से अनाज नहीं लिया है। इसका मुख्य उद्देश्य किसी भी पात्र परिवार को वंचित होने से बचाना है।
खाद्य विभाग ऐसे उपभोक्ताओं का डेटा जुटाकर उन्हें सीधे जागरूक कर रहा है। दुकानों पर चलाए गए अभियान के बाद कई लोगों ने दोबारा राशन लेना शुरू कर दिया है। मंत्री के अनुसार, राशन का उठाव करने या फिर आवश्यक ई-केवाईसी फॉर्म जमा करने से कार्ड स्वतः सक्रिय बने रहेंगे और उन्हें बंद नहीं किया जाएगा।
राशन न लेने के कारण और प्राथमिकता श्रेणी का विस्तार
लोगों द्वारा राशन न लेने के पीछे पलायन, मृत्यु और आय में बढ़ोतरी जैसे प्रमुख कारण सामने आए हैं। सरकार की योजना है कि इन निष्क्रिय कार्डों की जगह नए पात्र परिवारों को प्राथमिकता श्रेणी में शामिल किया जाए। इससे राज्य में राशन कार्डों की कुल निर्धारित संख्या को संतुलित बनाए रखने में काफी मदद मिलेगी।
नीले और सफेद कार्डधारकों को राज्य अपने विशेष आवंटन से खाद्यान्न उपलब्ध कराता है। केंद्र द्वारा इन कार्डों को हटाने पर विचार न करने के कारण फिलहाल कोई तात्कालिक खतरा नहीं है। राज्य ने केंद्र की स्मार्ट पीडीएस योजना को स्वीकार किया है, लेकिन पात्र कार्डों के श्रेणी निर्धारण का अधिकार अपने पास रखने की मांग की है।