Kathmandu News: नेपाल में तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। हादसों में कम से कम 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 14 लोग लापता हैं। आपदा से कई घर, सड़कें, पुल और बिजली प्रोजेक्ट्स पूरी तरह तबाह हो गए हैं।
बारिश से मनांग, म्याग्दी, बाग्लुंग, परबत और पाल्पा जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। सोशल मीडिया पर आए वीडियो में पहाड़ों को अचानक भरभराकर गिरते और लोगों को भागते देखा जा सकता है। तराई के निचले इलाकों में पानी भरने और जमीन धंसने से स्थिति गंभीर बनी हुई है।
आपदा अधिकारियों के अनुसार गंडकी प्रांत के बाग्लुंग में 10, म्याग्दी में 6, मनांग में 2 और लुम्बिनी के पाल्पा में 5 लोगों की मौत हुई है। वहीं धनुषा में 1 व्यक्ति की जान गई है। मनांग के 10, म्याग्दी के 3 और बाग्लुंग के 1 व्यक्ति समेत 14 लोग अभी लापता हैं।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक आपदा से 747 परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। राज्य में 143 घर पूरी तरह नष्ट हो गए और 51 घरों को नुकसान पहुंचा है। कुल 435 परिवारों के 1,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है।
परबत जिले में 106 घर पूरी तरह तबाह हुए हैं, जिससे 540 लोग बेघर हो गए। इसके अलावा 6 बड़े पुल, 3 सरकारी दफ्तर और 15 मवेशी घर नष्ट हो गए। काली गंडकी नदी में आई भयानक बाढ़ से स्यांगजा और गुलमी को जोड़ने वाला कंक्रीट पुल बह गया है।
मनांग के नारफू में हिमस्खलन से दो ट्रैकर्स की मौत हो गई। इस क्षेत्र में 22 सदस्यों का ट्रैकिंग दल मौजूद था। खराब मौसम के कारण बचाव दल को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। फिलहाल बाकी फंसे हुए लोगों की तलाश जारी है।
काली गंडकी ‘ए’ जलविद्युत परियोजना के मिर्मी बांध के गेट खोलने से 144 मेगावाट बिजली उत्पादन रोक दिया गया है। ट्रांसमिशन लाइन के टावर गिरने से 358.2 मेगावाट बिजली सप्लाई प्रभावित हुई है। प्रभावित जिलों में प्रशासन युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य चला रहा है।