Delhi News: सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने भारतीय नौसेना के कमांडर्स कॉन्फ्रेंस 2026 में वरिष्ठ नौसैनिक कमांडरों के साथ महत्वपूर्ण बातचीत की। इस दौरान बदलते सुरक्षा माहौल और उभरती चुनौतियों के बीच तीनों सेनाओं के आपसी तालमेल, इंटरऑपरेबिलिटी और साझा तैयारियों को और अधिक मजबूत बनाने पर गहन विमर्श किया गया।
तीनों सेनाओं के बीच संयुक्तता और साझा ऑपरेशनल अनुभव
नौसेना प्रवक्ता के अनुसार थल सेना प्रमुख ने मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने ऑपरेशनल तैयारियों को धार देने के लिए तीनों रक्षा अंगों के बीच अनुभवों के निरंतर आदान-प्रदान को आवश्यक बताया। आधुनिक दौर की चुनौतियों का तेजी से मुकाबला करने के लिए एकीकृत सैन्य रणनीति पर बल दिया गया।
समुद्री सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से जुड़े प्रमुख रणनीतिक मुद्दे
नई दिल्ली स्थित नौसेना भवन में 29 सितंबर से 1 अक्टूबर तक आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन में वरिष्ठ कमांडर रणनीतिक विषयों की समीक्षा कर रहे हैं। बैठक में भारत के समुद्री हितों, ऊर्जा सुरक्षा और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के असर पर भी व्यापक चर्चा की जा रही है।
इस उच्चस्तरीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य जेएआई दृष्टिकोण के तहत तीनों सेनाओं में संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार को बढ़ावा देना है। रक्षा मंत्रालय के मार्गदर्शन में भविष्य के अभियानों की रूपरेखा तैयार की जा रही है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित समुद्री या क्षेत्रीय खतरे का मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके।