London News: भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई तीन मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी और निर्णायक मुकाबला लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेला गया। इस करो या मरो वाले मैच में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम को 27 रनों से हरा दिया।
ओपनर्स की बेहतरीन शुरुआत से इंग्लैंड ने बनाया विशाल स्कोर
भारतीय कप्तान शुभमन गिल इस मैच में भी टॉस जीतने में नाकाम रहे, जिसके बाद मेजबान इंग्लैंड की टीम ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाजों ने टीम को धमाकेदार शुरुआत दिलाई। जैकब बेथल और बेन डकेट ने पहले विकेट के लिए 192 रनों की विशाल साझेदारी की।
इस मुकाबले में जैकब बेथल 91 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद बेन डकेट और जो रूट के बीच एक और मजबूत शतकीय साझेदारी देखने को मिली। बेहतरीन बल्लेबाजी कर रहे बेन डकेट 144 रनों की बड़ी पारी खेलकर पवेलियन लौटे, जबकि कप्तान हैरी ब्रूक केवल 14 रन ही बना सके।
मैच के अंतिम ओवरों में जोस बटलर और जो रूट ने काफी आक्रामक बल्लेबाजी की। बटलर ने महज 13 गेंदों में 4 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 41 रन कूटे। वहीं जो रूट 48 गेंदों में 74 रन बनाकर नाबाद रहे। इंग्लैंड ने निर्धारित ओवरों में 387 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया।
रोहित और कोहली के प्रयास के बाद भी मिडिल ऑर्डर फ्लॉप
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को कप्तान शुभमन गिल और रोहित शर्मा ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 147 रन जुड़े। शुभमन गिल 77 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद विराट कोहली ने आकर रोहित शर्मा के साथ एक और बेहतरीन शतकीय साझेदारी की।
सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए लॉर्ड्स के मैदान पर 138 रनों की लाजवाब पारी खेली। हालांकि, उनके आउट होने के बाद भारतीय मिडिल ऑर्डर पूरी तरह ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। ईशान किशन 14 रन और केएल राहुल 12 रन बनाकर जल्दी चलते बने।
बल्लेबाज श्रेयस अय्यर इस महत्वपूर्ण मैच में अपना खाता भी नहीं खोल सके। अंतिम 18 गेंदों में टीम इंडिया को जीत के लिए 60 रनों की जरूरत थी। अक्षर पटेल केवल 2 रन ही बना पाए। इसके बाद गुरनूर बरार ने नाबाद 18 रन और अर्शदीप सिंह ने 15 रन बनाए।
गौतम गंभीर का प्रयोग और अंतिम ओवरों की गेंदबाजी पड़ी भारी
भारतीय टीम 40 ओवरों तक मैच में पूरी तरह बनी हुई थी, लेकिन अंतिम 10 ओवरों में 120 रन नहीं बना सकी। अनुभवी गेंदबाजों की कमी के कारण इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने डेथ ओवरों में जमकर रन बटोरे। भारतीय तेज गेंदबाजों ने अंतिम 5 ओवरों में करीब 80 रन लुटा दिए।
गौतम गंभीर की कोचिंग में युवा गेंदबाजों को मौका देने की रणनीति फिलहाल भारी पड़ती दिख रही है। मैच में गुरनूर बरार ने 97 रन और प्रिंस यादव ने 79 रन खर्च किए। वहीं अर्शदीप सिंह ने 72 रन और प्रसिद्ध कृष्णा ने 69 रन देकर सबसे किफायती गेंदबाजी की।
टीम को अगले एक साल के भीतर ही विश्व कप 2027 खेलना है। ऐसे में मोहम्मद सिराज, मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी गेंदबाजों की मौजूदगी के बाद भी युवाओं पर दांव लगाना टीम इंडिया को भारी पड़ा। भारतीय टीम इस मैच में सिर्फ 360 रन ही बना सकी।