Shimla News: उत्तर भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्री बताए जाने की एडीआर रिपोर्ट पर हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का बयान सामने आया है। उन्होंने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि रिपोर्ट के नाम पर उन्हें बदनाम करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने पद संभालने के बाद कोई नई संपत्ति नहीं खरीदी है।
चुनावी एफिडेविट में दी है पूरी जानकारी
मुख्यमंत्री सुक्खू ने साफ किया कि उन्होंने अपनी पूरी संपत्ति का ब्योरा पहले ही चुनावी एफिडेविट में जमा कर दिया है। उन्होंने बताया कि जिस जमीन का जिक्र किया जा रहा है, वह उन्होंने सालों पहले खरीदी थी। समय बीतने के साथ उसकी कीमत 12 लाख रुपये से ज्यादा बढ़ी और उसी पर अपना मकान बनाया था।
एडीआर रिपोर्ट में शैक्षणिक योग्यता अधूरी
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एडीआर की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें उनकी शैक्षणिक योग्यता आधी-अधूरी दर्शाई गई है। रिपोर्ट में उनकी एमए और एलएलबी की पढ़ाई का जिक्र तक नहीं है। उन्होंने संस्था से इस चूक को सुधारने की मांग की है। उनका कहना है कि कड़ी मेहनत की कमाई को गलत तरीके से दिखाया गया है।
जांच एजेंसियों और सियासी दल बदल पर तीखे बोल
भाजपा पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पास ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियां हैं। अगर विपक्षी दल चाहे तो वह किसी भी समय उनसे दोबारा जांच करवा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं की जगह केवल विचारधारा से जुड़े वफादार लोगों को ही पार्टी में तवज्जो दी जाएगी।
शिक्षा मंत्री के बयान पर प्रियंका गांधी का समर्थन
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के बयान से सहमति जताते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री साफ छवि वाला और शिक्षित होना चाहिए। शिक्षा विभाग ऐसे व्यक्ति के हाथ में हो जो निष्पक्ष काम करे और उसके कार्यकाल में पेपर लीक जैसी धांधली न हो। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के कई विधायक भी कांग्रेस के संपर्क में हैं।
जानिए क्या थे एडीआर की रिपोर्ट के आंकड़े
एडीआर की हालिया रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री सुक्खू की कुल संपत्ति 7.81 करोड़ रुपये है और उन पर 22 लाख रुपये की देनदारी है। उनकी सालाना कमाई 17 लाख रुपये बताई गई है। रिपोर्ट में उन्हें पोस्ट ग्रेजुएट और एलएलबी पास दिखाया गया है। इस सूची में हरियाणा के सीएम नायब सैनी उत्तर भारत में दूसरे नंबर पर हैं।