Una News: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित प्रसिद्ध श्री माता चिंतपूर्णी मंदिर में सुगम पास से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सियासत तेज हो गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। भाजपा ने सरकार और पुलिस की ढीली कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
पूर्व विधायक बलबीर चौधरी ने लगाए गंभीर आरोप
बुधवार को चिंतपूर्णी में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष बलबीर चौधरी ने कहा कि मामले में शामिल अधिकारी मुख्यमंत्री के करीबी हैं। इसी वजह से पुलिस एफआईआर दर्ज करने के बाद कोई सख्त कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने सरकार पर मामले को दबाने का आरोप लगाया है।
डिजिटल पेमेंट में सामने आई भारी गड़बड़ी
बलबीर चौधरी ने कहा कि मंदिर प्रशासन की शुरुआती जांच में 19 जून के रिकॉर्ड में कई संदिग्ध लेनदेन मिले। इसमें एक ही मोबाइल नंबर और ट्रांजैक्शन आईडी से बार-बार भुगतान किया गया था। मंदिर प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने मामला तो दर्ज किया, लेकिन आगे कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।
पूर्व विधायक ने कहा कि जब मंदिर में सुगम दर्शन प्रणाली शुरू हुई थी, तभी भाजपा ने भ्रष्टाचार की आशंका जताई थी। उन्होंने मांग की कि पिछले तीन वर्षों के सभी रिकॉर्ड खंगाले जाएं। इससे बड़े पैमाने पर वित्तीय घपले का पर्दाफाश हो सकता है। भाजपा इस मुद्दे को लगातार प्रमुखता से उठाती रहेगी।
एक ही नंबर से जारी हुए 80 वीआईपी पास
गौरतलब है कि मंदिर में वीआईपी और जल्दी दर्शन के लिए 1100 रुपये का सुगम पास रखा गया है। एक पास पर पांच लोग दर्शन कर सकते हैं। जांच में सामने आया कि एक ही मोबाइल नंबर से 80 पास जारी किए गए थे, जिसके बाद यह पूरा विवाद गहरा गया है।