Shimla News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने वार्षिक वेतनवृद्धि की तारीख से ठीक पहले सेवानिवृत्त हुए प्रिंसिपलों और स्कूल प्रवक्ताओं (न्यू) को नोशनल वेतनवृद्धि देने का बड़ा फैसला किया है। शिक्षा विभाग ने वित्त विभाग की मंजूरी के बाद इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। इससे पेंशनभोगियों को बड़ी राहत मिलेगी।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार इस अतिरिक्त काल्पनिक वेतनवृद्धि के आधार पर सेवानिवृत्त अधिकारियों की पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों का दोबारा निर्धारण किया जाएगा। इस फैसले से उन कर्मचारियों को फायदा होगा, जो वेतनवृद्धि मिलने से ठीक एक दिन पहले सेवानिवृत्त होने के कारण लाभ से वंचित रह गए थे।
केवल पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभों के लिए लागू होगा नियम
विभाग ने साफ किया है कि नोशनल वेतनवृद्धि का इस्तेमाल केवल पेंशन और उससे जुड़े रिटायरमेंट बेनिफिट्स की गणना के लिए होगा। सेवानिवृत्ति के बाद की अवधि का कोई बकाया वेतन, एरियर या अन्य वित्तीय लाभ नहीं मिलेगा। अधिकारियों को केवल संशोधित पेंशन और पुनर्निरूपित सेवानिवृत्ति लाभों का ही भुगतान किया जाएगा।
पहले चरण में बिलासपुर जिले के आठ पूर्व प्रिंसिपलों को इसका लाभ दिया गया है। इनमें पीर सिंह वर्मा, जगत पाल, कुंदन लाल, दुनी चंद, रमेश चंद, सतीश ठाकुर, प्रदीप कुमार और पवन कुमार के नाम शामिल हैं। इन सभी अधिकारियों के मूल वेतन में एक अतिरिक्त इंक्रीमेंट जोड़कर नई पेंशन तय होगी।
सेवा रिकॉर्ड का सत्यापन और गड़बड़ी पर होगी रिकवरी
शिक्षा विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भुगतान प्रक्रिया शुरू करने से पहले सभी सर्विस रिकॉर्ड्स का गहनता से वेरिफिकेशन किया जाए। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की गलती या अधिक भुगतान का मामला पाया जाता है तो नियमानुसार संबंधित कर्मचारी से रिकवरी की जाएगी।
राज्य सरकार के इस महत्वपूर्ण कदम से उन सभी रिटायर्ड प्रिंसिपलों और प्रवक्ताओं को बड़ी वित्तीय राहत मिली है, जो वार्षिक इंक्रीमेंट की तय तिथि से ठीक पहले रिटायर हो गए थे। अब उनके पेंशन खातों और सेवानिवृत्ति संबंधी वित्तीय लाभों का नए नियमों के तहत पुनर्मूल्यांकन कर नया भुगतान तय किया जाएगा।