Shimla News: हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. पिछले 24 घंटे में हुई भारी बारिश के कारण कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भारी बारिश और फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की है.
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार कांगड़ा जिले के पालमपुर में सबसे अधिक 112 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. इसके अलावा कांगड़ा में 105, धर्मशाला में 82, रामपुर में 45, गूलेर में 42 और जोत में 41 मिलीमीटर बारिश हुई. शिमला में आसमान में बादल छाए रहे और हल्की वर्षा दर्ज की गई.
शिमला में रामपुर के पास नेशनल हाईवे पांच बाधित हुआ
शिमला जिले के रामपुर उपमंडल में डेट ज्यूरी के पास पहाड़ी से गिरे पत्थरों के कारण नेशनल हाईवे-5 तड़के अवरुद्ध हो गया. एनएच प्राधिकरण के कर्मचारियों और मशीनों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 11 बजे मार्ग को दोबारा शुरू कराया. लगातार गिरते पत्थरों से राहत कार्य में काफी बाधा आई.
मौसम विभाग ने 31 जुलाई तक राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. आज सिरमौर में ऑरेंज जबकि बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी में येलो अलर्ट है. वहीं 30 जुलाई को बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और सिरमौर में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
विभाग ने 31 जुलाई को भी कई इलाकों में तेज बारिश का अलर्ट रखा है. इसके साथ ही 1 से 4 अगस्त तक पूरे प्रदेश में येलो अलर्ट घोषित किया गया है. प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर ही बने रहने की सलाह दी है.
सात जिलों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की चेतावनी
मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन में फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की है. नागरिकों को भूस्खलन और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं. इसके अलावा उफनते नदी-नालों के किनारे न जाने और मौसम अपडेट पर नजर रखने को कहा गया है.
सिरमौर जिला प्रशासन ने बारिश के खतरे को देखते हुए नाहन मुख्यालय में आज सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने का फैसला लिया है. अधिकारियों ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है. साथ ही जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया है.
बारिश से 150 सड़कें बंद और बिजली-पानी प्रभावित
प्रदेश भर में भूस्खलन की वजह से करीब 150 सड़कें बंद हो चुकी हैं. मंडी, कुल्लू और चंबा जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. कई जगहों पर बिजली के ट्रांसफार्मर और पेयजल योजनाएं ठप पड़ गई हैं. सरकारी टीमें यातायात, बिजली और पेयजल आपूर्ति बहाल करने में जुटी हुई हैं.
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे में चंबा जिले में फ्लैश फ्लड की दो घटनाएं हुईं. सुल्तानपुर इलाके में बाढ़ से 28 मकान, एक दुकान और एक पशुशाला क्षतिग्रस्त हो गए. प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं.
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आगामी दिनों में तेज बारिश से निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है. इससे यातायात बाधित होने के साथ-साथ कृषि और बागवानी को बड़ा नुकसान पहुंचने की आशंका है. किसान और बागवानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने होंगे.