Kangra News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को शाहपुर के बोह वैली का दौरा किया। उन्होंने बादल फटने से प्रभावित लोगों से मुलाकात की और राहत कार्यों का जायजा लिया। सीएम ने बेघर हुए परिवारों को मकान, जमीन और भारी मुआवजा देने की घोषणा की।
क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 7.50 लाख और जमीन का ऐलान
मुख्यमंत्री ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बोह में बने राहत शिविर में प्रभावितों का हाल जाना। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 7.50 लाख रुपए देने की घोषणा की गई। बर्तन और कपड़े खरीदने के लिए एक लाख रुपए मिलेंगे। भूमिहीन प्रभावितों को सरकार की ओर से जमीन भी दी जाएगी।
पशुधन के नुकसान पर गाय-भैंस के लिए 55 हजार और बकरी के लिए 15 हजार रुपए मिलेंगे। फसल नुकसान पर 5 हजार रुपए प्रति कनाल मुआवजा दिया जाएगा। प्रभावित परिवारों को 6 महीने तक मुफ्त राशन और किराए पर रहने वालों को 5 हजार रुपए महीना सहायता मिलेगी। रिडकमार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड किया जाएगा।
25 परिवारों को 25-25 हजार रुपए की तत्काल अंतरिम सहायता
दौरे पर विधायक केवल सिंह पठानिया, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष दीपक राठौर और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने 25 प्रभावित परिवारों को 25-25 हजार रुपए दिए। इसके अलावा 16 अन्य परिवारों को 10-10 हजार रुपए अंतरिम सहायता दी। कागजातों और शैक्षणिक प्रमाण पत्रों को दोबारा बनाने का काम शुरू हो गया है।
आपदा-रोधी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 3,500 करोड़ का बजट
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए 3,500 करोड़ रुपए का आपदा-रोधी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जा रहा है। सरकार ने इतिहास में पहली बार राहत नियमों में बदलाव करके सहायता राशि बढ़ाई है। इसके लिए विशेष आपदा राहत कोष भी बनाया गया है। राज्य सरकार पुनर्वास के लिए सुरक्षित जमीन तलाश रही है।
इस आपदा में घुड़घुं, भंगार और सपेड़ा गांव के 25 परिवार प्रभावित हुए हैं। घुड़घुं के 18 परिवारों के 52 सदस्य, भंगार के 3 परिवारों के 16 सदस्य और सपेड़ा के 4 परिवारों के 16 लोग प्रभावित हैं। सुरक्षा को देखते हुए सपेड़ा गांव के 13 मकानों को डेंजर जोन घोषित कर दिया गया है।