Delhi News: विदेश मंत्रालय ने रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते काला सागर क्षेत्र में व्यापारिक पोतों पर काम करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। मंत्रालय ने सुरक्षा स्थिति को अत्यंत खराब बताते हुए भारतीयों को कोई भी नौकरी स्वीकार करने से पहले जोखिम का आंकलन करने की सलाह दी है।
काला सागर क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर बढ़ा मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा
विदेश मंत्रालय के अनुसार, अप्रैल महीने से काला सागर और आसपास के समुद्री इलाकों में कमर्शियल जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की घटनाओं में भारी बढ़ोतरी हुई है। इन घातक हमलों में अब तक पांच भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है। ऐसे में जहाजों पर काम करने से पहले पूरी सतर्कता बरतने की जरूरत है।
मंत्रालय ने सलाह दी है कि भारतीय नागरिक जहाजों के तय रूट, पोर्ट्स, सुरक्षा व्यवस्था, बीमा कवर और इमरजेंसी रिस्पॉन्स से जुड़ी पूरी जानकारी अपनी नियोक्ता एजेंसियों और शिप ऑपरेटरों से पहले ही प्राप्त कर लें। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि नौकरी की शर्तें वैश्विक समुद्री मानकों के अनुरूप हों।
आपात स्थिति में संपर्क के लिए विदेश मंत्रालय ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा जारी किए गए सुरक्षा निर्देशों और एडवाइजरी का नियमित पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे शिपिंग मंत्रालय द्वारा जारी हालिया गाइडलाइन्स को ध्यान से पढ़ें। किसी भी आपात स्थिति के लिए मंत्रालय ने विशेष संपर्क नंबर जारी किए हैं।
इसी बीच यूक्रेन के ओडेसा पोर्ट पर एक व्यापारिक पोत एमवी जीएन राग्नार पर हमला हुआ, जिसमें चार भारतीय सवार थे। इनमें से दो लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि दो भारतीय लापता हैं। कीव स्थित भारतीय दूतावास इस घटना पर लगातार नजर बनाए हुए है और लापता लोगों की तलाश जारी है।