Kangra News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के बोह में बादल फटने से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने बोह स्कूल के राहत शिविर में ठहरे प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने बेघर हुए परिवारों को मकान बनाने के लिए 7.50 लाख रुपये देने की घोषणा की।
आर्थिक सहायता और पशुधन के नुकसान पर मुआवजा
मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को कपड़े और बर्तन खरीदने के लिए 1 लाख रुपये देने का ऐलान किया। बेघर परिवारों को सरकार जमीन भी उपलब्ध कराएगी। गाय-भैंस की मौत पर 55 हजार रुपये और बकरी के लिए 15 हजार रुपये सहायता मिलेगी। पानी घुसने से हुए नुकसान पर 1 लाख रुपये तथा दुकानों के लिए 50 हजार से 1 लाख दिए जाएंगे।
किसानों को फसल नुकसान पर 5 हजार रुपये प्रति कनाल मुआवजा मिलेगा। किराए के मकान में रहने वालों को 5 हजार रुपये महीना और 6 महीने का राशन मुफ्त मिलेगा। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने रिडकमार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में अपग्रेड करने की बड़ी घोषणा भी की।
पुराने राहत कार्यों का अनुभव और भविष्य का मास्टर प्लान
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023-24 की आपदा में 23 हजार से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए थे। उस दौरान सरकार ने 75 हजार से अधिक लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया था। इसकी सराहना विश्व बैंक और नीति आयोग ने भी की थी। इसके साथ ही हिमाचल शिक्षा के क्षेत्र में 21वें स्थान से उछलकर पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।
प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए राज्य सरकार 3,500 करोड़ रुपये से आपदा-रोधी आधारभूत ढांचा तैयार कर रही है। राहत नियमों में संशोधन कर पूर्ण क्षतिग्रस्त मकानों के लिए सहायता 7 लाख रुपये की गई है। इसके साथ ही त्वरित वित्तीय सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से एक विशेष आपदा राहत कोष भी गठित किया गया है।
पुनर्वसन कार्य और प्रभावित गांवों के आंकड़े
प्रशासन ने 25 परिवारों को 25-25 हजार रुपये तथा 16 परिवारों को 10-10 हजार रुपये की अंतरिम सहायता तुरंत जारी कर दी है। अब तक 13 राजस्व प्रमाण पत्र, बोनाफाइड सर्टिफिकेट और खोए हुए शैक्षणिक प्रमाण पत्र दोबारा बनाने की प्रक्रिया तेजी से जारी है। मुख्यमंत्री ने सेना, पुलिस और आपदा बल के प्रयासों की सराहना की।
आपदा से घुड़घुं, भंगार और सपेड़ा गांवों के कुल 25 परिवार प्रभावित हुए हैं। घुड़घुं के 11 मकानों से 18 परिवारों के 52 लोग, भंगार के 3 परिवारों के 16 लोग और सपेड़ा के 4 परिवारों के 16 लोग प्रभावित हैं। सुरक्षा कारणों से सपेड़ा गांव के 13 मकानों को डेंजर जोन घोषित किया गया है। मौके पर स्थानीय विधायक और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।