Delhi News: ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों की सफलता के बाद भारत के पिनाका रॉकेट सिस्टम को खरीदने के लिए कई देश आगे आए हैं। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, मित्र राष्ट्रों को हथियार बेचने की नीति के तहत भारत सरकार जल्द ही इस विषय पर बड़ा फैसला ले सकती है।
किन देशों में है भारत के पिनाका सिस्टम की सबसे ज्यादा मांग
पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट सिस्टम को हासिल करने की दौड़ में मलेशिया, फिलीपींस और थाइलैंड सबसे आगे बताए जा रहे हैं। इन देशों की रक्षा आवश्यकताएं मुख्य रूप से आत्मरक्षा पर केंद्रित हैं। ऐसे में कम लागत और उच्च क्षमता वाला पिनाका सिस्टम इनके लिए काफी मुफीद साबित हो सकता है।
पिनाका सिस्टम को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने तैयार किया है। इसका उत्पादन भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और लार्सन एंड टुब्रो जैसी प्रमुख भारतीय कंपनियां करती हैं। भारतीय सेना में इस शक्तिशाली रॉकेट सिस्टम का पहले से ही सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया जा रहा है।
वैश्विक रक्षा बाजार में तेजी से बढ़ा भारत का दबदबा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कहा था कि भारतीय रक्षा तकनीक पर वैश्विक भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने इंडोनेशिया के साथ हुए ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल समझौतों का उल्लेख करते हुए इसे भारत की बढ़ती रणनीतिक और तकनीकी क्षमता का प्रमाण बताया।
भारत ने हाल के वर्षों में फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइल की आपूर्ति की है और वियतनाम के साथ भी सहमति जताई है। इसके अलावा करीब एक दर्जन अन्य देशों ने भी भारतीय हथियारों में गहरी दिलचस्पी दिखाई है। रक्षा निर्यात के मामले में भारत लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
दुश्मन के ठिकानों पर सटीक वार करने में सक्षम है पिनाका
पिनाका रॉकेट सिस्टम को दुश्मन के बंकर, हथियार डिपो और सैन्य अड्डों को ध्वस्त करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह सिस्टम मात्र 44 सेकेंड के भीतर 12 रॉकेट दागने में सक्षम है। इसकी मारक क्षमता लगभग 40 किलोमीटर तक की दूरी को कवर करती है।
पिनाका के आधुनिक गाइडेड वर्जन में जीपीएस और आईएनएस तकनीक का उपयोग होता है, जिससे यह सटीक हमला करता है। इसमें कंप्यूटर आधारित स्वचालित फायर कंट्रोल सिस्टम लगा है। रॉकेट दागने के बाद इसका वाहन तुरंत स्थान बदल लेता है, जिससे दुश्मन को पलटवार का मौका नहीं मिलता।