हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बोह घाटी में आपदा पीड़ितों से मुलाकात कर सहायता का दिया आश्वासन

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Kangra News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू रविवार को बोह घाटी पहुंचे। उन्होंने बादल फटने की घटना के पांचवें दिन राहत शिविर में प्रभावित लोगों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने पीड़ितों को ढांढस बंधाया और सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिया।

राहत शिविर में प्रभावित परिवारों से मिले मुख्यमंत्री सुक्खू

राहत शिविर में एक महिला ने अपना घर बह जाने का दुख सुनाते हुए आंसू बहाए। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह उनके परिवार जैसे हैं और मदद के लिए आए हैं। उन्होंने आपदा के मलबे से घायल हुई एक छोटी बच्ची को गोद में उठाकर उसका हाल-चाल भी जाना।

स्थानीय निवासी राणो देवी ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने पानी आते देखकर शोर मचाया और लोगों को बाहर निकाला। उन्होंने अपना पूरा मकान बह जाने का दर्द साझा किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार आपदा पीड़ितों को पूरी राहत सहायता उपलब्ध कराएगी। इस दौरान विधायक केवल सिंह पठानिया भी उपस्थित रहे।

सपेड़ा गांव के 13 मकान डेंजर जोन घोषित

इस प्राकृतिक आपदा से घुड़घुं, भंगार और सपेड़ा गांवों के कुल 25 परिवार प्रभावित हुए हैं। घुड़घुं के 11 मकानों के 18 परिवारों के 52 सदस्य प्रभावित हैं। भंगार के 1 मकान के 3 परिवारों के 16 सदस्य और सपेड़ा के 4 मकानों के 4 परिवारों के 16 लोग प्रभावित हुए हैं।

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सपेड़ा गांव के 13 मकानों को डेंजर जोन घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से जारी राहत और बचाव कार्यों की प्रगति रिपोर्ट ली। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावितों की त्वरित सहायता करने के कड़े निर्देश जारी किए।

बोह में सेना का राहत और बचाव अभियान जारी

धर्मशाला के बोह क्षेत्र में सेना के जवान राहत कार्य में जुटे हुए हैं। पीड़ित दीनानाथ के मलबे में दबे मकान से सेना ने पीतल की तीन बलटोइयां सुरक्षित बाहर निकाल ली हैं। सेना की टीमें लगातार मलबा हटाकर लोगों का अन्य सामान भी सुरक्षित बाहर निकाल रही हैं।

लगातार हो रही बारिश के कारण राहत और बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। मलबे में मवेशियों के दबे होने से इलाके में बदबू फैली हुई है। इसके बावजूद तीन बड़ी पोकलेन मशीनें और जेसीबी रास्ते को दुरुस्त करने तथा मलबा हटाने के काम में जुटी हुई हैं।

Right News Desk
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लॉ और पत्रकारिता स्नातक, पत्रकारिता में 11 वर्ष का अनुभव

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