Shimla News: शिमला के मशोबरा स्थित ऐतिहासिक राष्ट्रपति निवास को देखने के लिए पर्यटकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। अप्रैल 2023 से सितंबर 2026 के बीच देश और विदेश से तीन लाख से ज्यादा सैलानी यहां पहुंचे हैं। हर साल करीब एक लाख लोग इस 176 साल पुरानी शानदार इमारत का दीदार करने आते हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अप्रैल 2023 में इस भवन को जनता के लिए खोला था। उनका कहना था कि यह राष्ट्रपति निवास नहीं बल्कि राष्ट्र का निवास है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को इस भवन के इतिहास से रूबरू कराना था। इससे पहले यहां आम जनता और पर्यटकों की आवाजाही पर पूरी तरह पाबंदी रहती थी।
धज्जी दीवार शैली में बना है यह ऐतिहासिक भवन
मिट्टी और लकड़ी से तैयार यह भवन हिमाचल की भूकंपरोधी धज्जी दीवार निर्माण शैली का बेहतरीन नमूना है। इसकी सुरक्षा का जिम्मा भारतीय सेना संभालती है। वर्ष 1850 में कोटी के राजा राणा ने इसे एक मंजिला बनवाया था। ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड एलिग्न ने वर्ष 1890 के दशक में इसे लीज पर लिया था।
आजादी के बाद यह भवन भारत सरकार को सौंप दिया गया। वर्ष 1951 में देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद भी यहां आए थे। राष्ट्रपति हर साल गर्मियों में यहां प्रवास करते हैं और उस दौरान सचिवालय यहीं से चलता है। राष्ट्रपति के ठहरने के दौरान परिसर को आम जनता के लिए पूरी तरह बंद रखा जाता है।
तीन महीने से जारी मरम्मत के कारण लगी पाबंदी
भवन का पिछले तीन महीनों से जीर्णोद्धार और मरम्मत कार्य चल रहा है। इस वजह से सैलानी इमारत को पास से नहीं देख पा रहे हैं। पर्यटकों को सिर्फ फुलवारी तक जाने की इजाजत है, जिससे उन्हें मायूसी हो रही है। पास के शेड में स्क्रीन पर गाइड द्वारा भवन की जानकारी दी जा रही है।
फुलवारी से ही पर्यटकों को वापस भेजा जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक मरम्मत का यह काम अभी तीन से चार महीने और चलेगा। कार्य पूरा होने के बाद ही पर्यटक दोबारा इस ऐतिहासिक भवन को नजदीक से देख सकेंगे। फिलहाल दूर से ही इसकी खूबसूरती देखकर सैलानियों को संतोष करना पड़ रहा है।