Shimla News: हिमाचल प्रदेश में मौसम के करवट लेने से ठंड काफी बढ़ गई है। राज्य के निचले और मध्य क्षेत्रों में बारिश जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई है। खराब मौसम के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। भूस्खलन से 60 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं और ट्रांसफार्मर खराब होने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई है।
पहाड़ियों से मलबा और पत्थर सड़क पर गिरने के कारण कई प्रमुख मार्गों पर यातायात रोकना पड़ा है। लोक निर्माण विभाग की टीमें भारी मशीनों के साथ बंद सड़कों को खोलने में जुटी हुई हैं। बारिश और भूस्खलन से लाहौल-स्पीति और किन्नौर जैसे पर्वतीय जिलों में आवाजाही काफी कठिन हो गई है।
लाहौल-स्पीति और किन्नौर में बर्फबारी के चलते तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। यहां सुबह और रात के समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है। बारिश वाले निचले क्षेत्रों में लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हुई है। लोग अब मौसम के पूरी तरह साफ होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार 1 से 4 अक्टूबर तक प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से साफ रहेगा। हालांकि 5 और 6 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मैदानी और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। अगले कुछ दिनों तक तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा।
आईएमडी के मुताबिक अगले दो से तीन दिनों में हिमाचल प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के लिए स्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो जाएंगी। इसके बावजूद 5 और 6 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश हो सकती है। इसलिए मानसून की वापसी के बाद भी मौसम तुरंत पूरी तरह शुष्क नहीं रहेगा।
वर्तमान में स्थानीय प्रशासन बंद पड़ी सड़कों को बहाल करने और ठप बिजली व्यवस्था को सुधारने के काम में मुस्तैदी से लगा है। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों को संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर पूरी सावधानी बरतने और मौसम खराब रहने पर गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सख्त हिदायत दी है।