Kullu News: हिमाचल प्रदेश के मशहूर टूरिस्ट स्पॉट कसोल में जंगल की जमीन पर फैले कचरे को पूरी तरह साफ कर दिया गया है। कुल्लू प्रशासन ने इस मामले में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी एनजीटी को सौंप दी है। एनजीटी ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद स्वतः संज्ञान लिया था।
प्रशासन ने रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि मनाली के पास रंगरी स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट ने कचरा लेने से मना कर दिया था। इसके बाद वन विभाग ने नगर निकाय के कचरे को अस्थायी तौर पर रखने और अलग करने के लिए इस जमीन की पहचान की थी। जुलाई 2024 में विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण यानी साडा की बैठक में यह फैसला हुआ था।
प्रशासन ने एनजीओ के साथ मिलकर शुरू की नई व्यवस्था
जंगल की जमीन पर कचरे के बड़े ढेर का वीडियो जून 2025 में वायरल हुआ, जिसके बाद एनजीटी ने सख्त रुख अपनाया। कसोल एक बेहद लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, जहां हर साल भारी संख्या में देशी और विदेशी सैलानी पहुंचते हैं। इस वजह से कचरा प्रबंधन की इस समस्या ने गंभीर पर्यावरणीय चिंताएं खड़ी कर दी थीं।
कुल्लू प्रशासन ने बताया कि अप्रैल 2026 में मणिकरण विशेष क्षेत्र के लिए नई व्यवस्था शुरू की गई। इसके लिए ग्रामीण विकास विभाग, साडा मणिकरण और एक एनजीओ के बीच समझौता हुआ। एनजीओ ने मई 2026 में वेस्ट कलेक्शन का काम संभाला और 13 जुलाई तक 90.5 टन कचरा हटाकर जमीन को पूरी तरह साफ कर दिया।