शिमला-मटौर फोरलेन के कछियारी-भंगवार सेक्शन की शुरुआत से सफर आसान होगा, NHAI ने जारी किए कड़े नियम

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Kangra News: शिमला-मटौर फोरलेन के कछियारी-भंगवार हिस्से की शुरुआत से यात्रियों को सुगम सफर का अहसास होगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने हाईवे पर ट्रैफिक को सुरक्षित और नियंत्रित रखने के लिए सख्त दिशानिर्देश लागू किए हैं। नियमों को तोड़ने पर चालान किया जाएगा। कांगड़ा-समेला मार्ग के विपरीत इस नए फोरलेन पर नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

एनएचएआई ने कछियारी से रानीताल और आगे के रास्ते पर आधुनिक ट्रैफिक उपकरण तैनात किए हैं। मटौर-शिमला फोरलेन प्रोजेक्ट के तहत कछियारी-रानीताल सेक्शन में अधिकतम स्पीड लिमिट 60 किलोमीटर प्रति घंटा तय हुई है। कुछ विशेष स्थानों पर 40 किलोमीटर प्रति घंटा के चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं।

राज्य सरकार ने मैदानी और सीधे फोरलेन हिस्सों पर रफ्तार की सीमा 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा मंजूर की है। हालांकि, कछियारी-रानीताल जैसे पहाड़ी और घुमावदार रास्तों पर सुरक्षा कारणों से 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार ही लागू रहेगी। एनएचएआई ने चालकों को अलर्ट करने के लिए आधुनिक सिस्टम लगाए हैं।

गाड़ियों की रफ्तार पर निगरानी रखने और ब्लैक स्पॉट पर चालकों को चेतावनी देने के लिए रडार स्पीड डिस्प्ले साइनबोर्ड लगे हैं। यह रडार गाड़ियों की लाइव स्पीड मापकर एलईडी स्क्रीन पर दिखाते हैं। तय सीमा से अधिक रफ्तार होने पर स्क्रीन का रंग बदल जाता है, जिससे चालकों को तुरंत अपनी गाड़ी धीमी करने का संकेत मिलता है।

फोरलेन के खतरनाक मोड़ों और टनल के अंदर ओवरटेकिंग पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। भारी और कम रफ्तार वाले वाहनों को बाईं लेन में चलना होगा। वहीं दाहिनी लेन को तेज रफ्तार कारों और इमरजेंसी गाड़ियों के लिए रिजर्व रखा गया है। कछियारी से भंगवार के बीच यात्रियों की सुविधा के लिए कई पार्किंग जोन भी विकसित किए गए हैं।

फोरलेन प्रोजेक्ट की ट्विन टनल के भीतर रफ्तार की सीमा और कम रखी जाएगी। टनल के अंदर हेडलाइट ऑन रखना और हॉर्न न बजाना जरूरी होगा। चालकों को सड़क किनारे लगे साइनबोर्ड पर ध्यान देना होगा। एनएचएआई ने कांगड़ा से नादौन तक सैकड़ों स्ट्रीट लाइटें लगाकर रात में बेहतर रोशनी का इंतजाम किया है।

विभाग के निर्देशों के अनुसार स्पीड लिमिट, डिस्प्ले बोर्ड, सीसीटीवी और आधुनिक तकनीकों का प्रयोग इस फोरलेन पर किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आवश्यकता के अनुसार इन सभी प्रणालियों को आगे भी अपग्रेड किया जाएगा, ताकि यात्रियों को सुरक्षित सफर और बेहतर सुविधाएं लगातार मिलती रहें।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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