New Delhi News: देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक कूटनीति के मोर्चे पर बेहद सक्रिय भूमिका निभाई। तीन दिनों के व्यस्त राजनयिक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने विभिन्न देशों और सरकारों के प्रमुखों के साथ 15 द्विपक्षीय बैठकें कीं।
सम्मेलन से इतर पीएम मोदी ने रूस, चीन, ईरान, अफ्रीका, दक्षिण-पूर्व एशिया और खाड़ी देशों के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। इन वार्ताओं में द्विपक्षीय रिश्ते, व्यापार, रणनीतिक निवेश, वैश्विक कनेक्टिविटी, खनिज संसाधन और क्षेत्रीय सुरक्षा के अहम मुद्दों पर गहन चर्चा हुई, जिससे भारत की आर्थिक और रणनीतिक प्राथमिकताओं को गति मिली।
पुतिन, मसूद पेजेशकियन और यूएन महासचिव से रणनीतिक चर्चा
शिखर सम्मेलन के पहले दिन 11 सितंबर को प्रधानमंत्री ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से अलग-अलग वार्ताएं कीं। मोदी-पुतिन बातचीत में रक्षा, असैन्य परमाणु ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और व्यापार पर सहमति बनी। साथ ही यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया के हालात और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चर्चा हुई।
ईरान के राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और कूटनीतिक बातचीत के महत्व को रेखांकित किया गया। इसी दिन संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से भेंट कर पीएम मोदी ने वैश्विक मंचों पर सुधार और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
शी चिनफिंग संग वार्ता और खाड़ी-अफ्रीकी देशों से जुड़ाव
सम्मेलन के दूसरे दिन 12 सितंबर को चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ प्रधानमंत्री मोदी की बहुप्रतीक्षित बैठक हुई। दोनों नेताओं ने सीमा विवाद, अमन-चैन, आर्थिक सहयोग और सप्लाई चेन पर बात की। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के आपसी मतभेद कभी विवाद का रूप नहीं लेने चाहिए।
इसके अलावा मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से सेमीकंडक्टर और डिजिटल इकोनॉमी, जबकि यूएई के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद से रणनीतिक साझेदारी और ऊर्जा सहयोग पर अहम चर्चा हुई। इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ वार्ता में भारत-अफ्रीका संबंधों को और गति देने पर सहमति बनी।
तीसरे दिन अफ्रीका और मध्य एशिया में कूटनीतिक विस्तार
अंतिम दिन 13 सितंबर को पीएम मोदी ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अल-सिसी, कजाकिस्तान, फिलीपींस, बुरुंडी, युगांडा और नाइजीरिया के नेतृत्व से मुलाकात की। इन मुलाकातों से भारत ने ग्लोबल साउथ और मध्य एशिया के साथ अपनी रणनीतिक पहुंच को काफी मजबूत कर लिया।